
जबलपुर। प्रदेश में शिक्षक शिक्षा की समृद्ध परंपरा के प्रतीक शासकीय प्रगत शैक्षिक अध्ययन संस्थान (पीएसएम), जबलपुर ने शुक्रवार को अपना 138वां स्थापना दिवस गरिमापूर्ण माहौल में मनाया गया। वर्ष 1889 में स्थापित इस ऐतिहासिक संस्थान ने पिछले 138 वर्षों में हजारों शिक्षकों का निर्माण कर शिक्षा जगत को समृद्ध किया है। स्थापना दिवस समारोह संस्थान के ऑडिटोरियम में श्रद्धा, संस्कृति और गौरव के भाव के साथ आयोजित हुआ।
समारोह का शुभारंभ सर्वधर्म प्रार्थना, पूजन, संगीतमय सुंदरकांड, हवन, दीप प्रज्ज्वलन और सरस्वती वंदना से हुआ। इसके बाद बी.एड. एवं एम.एड. के प्रशिक्षणार्थियों ने नृत्य, गीत, संगीत और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से भारतीय संस्कृति और संस्थान की गौरवशाली विरासत को जीवंत कर दिया।इस मौके पर विद्यार्थियों द्वारा दी गई रंगारंग प्रस्तुतियों ने उपस्थित अतिथियों और विद्यार्थियों का मन मोह लिया।
समारोह की अध्यक्षता प्राचार्य श्रीमती एफ. इक्का ने की।कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि संयुक्त संचालक शिक्षा डॉ. राममोहन तिवारी तथा विशिष्ट अतिथि पूर्व प्राचार्य डॉ. पी.एल. मिश्रा मौजूद रहे। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अतिथियों ने संस्थान की ऐतिहासिक उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा की पीएसएम केवल शिक्षक तैयार करने वाला संस्थान नहीं, बल्कि समाज को संस्कारवान, संवेदनशील और राष्ट्रनिर्माण के प्रति समर्पित शिक्षक देने वाली महत्वपूर्ण शैक्षणिक धरोहर है।
इस मौके पर समावेशी शिक्षा प्रभारी डॉ. रामनरेश पटेल ने वर्ष 1889 से अब तक संस्थान की विकास यात्रा, उपलब्धियों और गौरवपूर्ण इतिहास पर प्रकाश डाला। समारोह में पूर्व छात्र-छात्राओं, शिक्षकों एवं जबलपुर संभाग के बड़ी संख्या में बी.एड. और एम.एड. प्रशिक्षणार्थियों की उपस्थिति रही।कार्यक्रम का संचालन आचार्य विनोद घोषी ने तथा आभार प्रदर्शन विनीत सिंह चौहान ने किया।
