शहर कांग्रेस अध्यक्ष और उनके डॉक्टर को पुलिस ने थाने में घंटों बैठाया

इंदौर। आज पंढरीनाथ पुलिस ने शहर कांग्रेस अध्यक्ष को घंटों बैठाया। इतना ही नहीं उनका इलाज करने वाले डॉक्टर को भी पुलिस से पूछताछ के लिए घंटों बैठाए रखा। फिर रात 8.30 के बाद मुचलके पर छोड़ा गया। इस दौरान बड़ी संख्या में कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता थाने पर जमा हो गए।

भाजयुमो द्वारा करीब दो महीने पहले कांग्रेस कार्यालय गांधी भवन का घेराव और प्रदर्शन किया गया था। इस दौरान बीजेपी द्वारा पत्थरबाजी भी की गई थी।प्रदर्शन खत्म होने के बाद भाजयुमो अध्यक्ष सौगात मिश्रा ने शहर कांग्रेस अध्यक्ष चिंटू चौकसे सहित 11 लोगों के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज कराई थी। वहीं कांग्रेस के आवेदन पर अज्ञात के खिलाफ आवेदन और एफआईआर की गई, जबकि कांग्रेस ने पत्थर फेंकने वालों के नाम दिए थे।

उक्त मामले को लेकर आज पंढरीनाथ पुलिस ने शहर कांग्रेस अध्यक्ष चिंटू चौकसे को दोपहर डेढ़ बजे बयान देने के लिए बुलाया। चौकसे सामान्य तौर पर बयान देने थाने पहुंचे। इसके बाद थाना प्रभारी ने चौकसे से 275 प्रश्नों के लेकर पूछताछ शुरू की। इस दौरान थाना प्रभारी को उन्होंने दो दिन नहीं आने के पीछे तबीयत खराब होने की जानकारी दी। इस पर थाना प्रभारी ने डॉक्टर का नाम पूछा और क्या इलाज लिया ओट कौन सी गोली दी गई? ऐसे तमाम सवाल पूछे। इसके बाद डॉक्टर को बुलाकर थाने में घंटों बैठाए रखा।

ध्यान देने वाली बात यह है कि उक्त स्थित में एक भी वरिष्ठ पुलिस अधिकारी पंढरीनाथ थाने नहीं आया। अगले थाना प्रभारी ही चौकसे से सवाल जवाब करते रहे। थाने में मौजूद कांग्रेस नेताओं एवं कार्यकर्ताओं के अनुसार इस दौरान चौकसे से कई बार थाने में बयान लिखे गए और फिर काटा पीटी करते रहे। कांग्रेस नेता और पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा ने कहा कि पुलिस सत्ता धारी भाजपा सरकार के दबाव में कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं को अनावश्यक परेशान कर रही है।

शहर कांग्रेस अध्यक्ष चिंटू चौकसे ने कहा कि मुझे बयान देने के बहाने से बुलाया गया । थाना प्रभारी ने 275 प्रश्न लिखकर बैठे थे और मुझसे जवाब तलब कर रहे थे। मुझे परेशान और त्रास देने के लिए यह सब किया जा रहा था। पुलिस ने दोपहर 2 बजे से मुझे थाने में बैठा रखा था। 8.30 बजे मुचलका भरवा कर छोड़ा है।

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