
बैतूल। मध्य प्रदेश के बैतूल जिले को औद्योगिक निवेश का प्रमुख केंद्र बनाने की दिशा में प्रशासन ने पहल तेज कर दी है। कलेक्टर डॉ. सौरभ संजय सोनवणे ने गुरुवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में जिले की औद्योगिक इकाइयों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर औद्योगिक विकास, अधोसंरचना विस्तार और निवेश बढ़ाने के लिए रोडमैप पर चर्चा की।
बैठक में कलेक्टर डॉ. सोनवणे ने कहा कि बैतूल की भौगोलिक स्थिति, बेहतर सड़क एवं रेल संपर्क तथा भोपाल और नागपुर जैसे प्रमुख शहरों से सीधी कनेक्टिविटी इसे औद्योगिक निवेश के लिए उपयुक्त बनाती है। उन्होंने कहा कि योजनाबद्ध प्रयासों से बैतूल को प्रदेश के प्रमुख औद्योगिक केंद्रों में विकसित किया जा सकता है।
उन्होंने अधिकारियों को कोसमी औद्योगिक क्षेत्र के द्वितीय चरण के विकास कार्य शीघ्र पूरा कर भूखंडों की नीलामी प्रक्रिया प्रारंभ करने के निर्देश दिए। साथ ही उद्योग प्रतिनिधियों से भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए नए लैंड बैंक के संबंध में सुझाव मांगे, ताकि उद्योगों के लिए भूमि उपलब्धता सुनिश्चित की जा सके।
बैठक में कोसमी औद्योगिक क्षेत्र से जुड़े न्यायालयीन प्रकरणों की भी समीक्षा की गई। कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को इनके शीघ्र निराकरण के निर्देश दिए। उन्होंने कढ़ाई वुडन क्लस्टर का विकास कार्य 15 सितंबर तक पूरा करने तथा डीपीआर एवं निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुरूप इसके विक्रय की प्रक्रिया सुनिश्चित करने को कहा। एचएमटी की उपलब्ध भूमि के बेहतर उपयोग पर भी विचार-विमर्श किया गया।
उद्योग प्रतिनिधियों ने रेलवे के साथ बेहतर समन्वय स्थापित कर पार्सल बुकिंग सुविधा का विस्तार, ट्रांसपोर्ट एवं आधुनिक स्टोरेज यूनिट विकसित करने, जिले में मक्का उत्पादन को देखते हुए मक्का आधारित उद्योग स्थापित करने तथा औद्योगिक क्षेत्रों में निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने के सुझाव दिए।
कलेक्टर ने कहा कि उद्योग जगत से प्राप्त व्यावहारिक सुझावों पर गंभीरता से विचार किया जाएगा और निवेशकों के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करने की दिशा में आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
बैठक में जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र के महाप्रबंधक कैलाश मानेकर, जिला लघु उद्योग भारती के अंबेश बलवापूरी, उद्योग संघ के अध्यक्ष ब्रज आशीष पांडे, टिम्बर एसोसिएशन के अध्यक्ष राजा पवार सहित विभिन्न औद्योगिक इकाइयों के प्रतिनिधि उपस्थित थे।
