शाह को पद से हटाना होगा, गोली चलाने के मामले की सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में हो जांच : राहुल

नयी दिल्ली, 29 जुलाई (वार्ता) कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने गृह मंत्री अमित शाह को छात्रों पर गोली चलाने का आदेश देने के लिए जिम्मेदार ठहराते हुए उनको पद से हटाने की मांग की और कहा कि इस पूरे प्रकरण की उच्चतम न्यायालय की निगरानी में जांच कराई जानी चाहिए।

श्री गांधी ने बुधवार को यहां पार्टी मुख्यालय में संवाददाता सम्मेलन में कहा कि उन्होंने 25 जुलाई को श्री शाह को पत्र लिखकर पूछा था कि छात्रों पर पैलेट गन के इस्तेमाल का आदेश किसने दिया और प्रदर्शन के दौरान सादी वर्दी में मौजूद लोग कौन थे लेकिन अब तक कोई जवाब नहीं मिला। उन्होंने कहा कि उनके पास पैलेट गन के इस्तेमाल के प्रमाण, तस्वीरें और घायल छात्रों के चिकित्सीय दस्तावेज हैं तथा इन्हीं के आधार पर छात्रों को न्याय दिलाने की लड़ाई लड़ी जाएगी।

उन्होंने आरोप लगाया कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस ने बर्बरता की। एक छात्र की आंख की रोशनी चली गई, कई छात्रों के शरीर पर पैलेट के निशान हैं और एम्स की चिकित्सीय रिपोर्ट में भी एक घायल छात्र पर पैलेट गन के इस्तेमाल की पुष्टि हुई है। उन्होंने कहा कि छात्रों को कील लगी लाठियों से पीटा गया, महिलाओं के साथ दुर्व्यवहार किया गया और कुछ लोग सादी वर्दी में भी कार्रवाई में शामिल थे, जिनकी पहचान अब तक स्पष्ट नहीं की गई है।

लोकसभा में विपक्ष के नेता ने कहा कि उन्होंने आज संसद में यह मुद्दा उठाने का प्रयास किया लेकिन उन्हें बोलने नहीं दिया गया, जबकि सरकार के मंत्रियों को अपनी बात रखने का पूरा अवसर मिला। उन्होंने आरोप लगाया कि उनसे माफी मांगने पर बोलने देने की बात कही गई लेकिन उन्होंने इसे अस्वीकार कर दिया। उन्होंने कहा, “मैं भाजपा, आरएसएस या उनसे जुड़े किसी भी व्यक्ति से कभी माफी नहीं मांगूंगा। विपक्ष के नेता के रूप में देश के महत्वपूर्ण मुद्दे उठाना मेरा अधिकार है।”

श्री गांधी ने कहा कि पैलेट गन जैसे बल प्रयोग की अनुमति गृह मंत्रालय के स्तर पर ही दी जा सकती है। उन्होंने कहा कि इस मामले में केवल दो ही संभावनाएं हैं—या तो गृह मंत्री अमित शाह ने पैलेट गन चलाने, लाठीचार्ज और अन्य बल प्रयोग का आदेश दिया, या फिर उन्हें इसकी जानकारी ही नहीं थी। दोनों ही परिस्थितियों में श्री शाह को अपने पद पर बने रहने का अधिकार नहीं है और उन्हें पद छोड़ देना चाहिए।

उन्होंने कहा कि गोली चलाने के आदेश किसने दिए, इसकी उच्चतम न्यायालय की निगरानी में उच्च स्तरीय जांच कराई जानी चाहिए ताकि पूरे मामले की जवाबदेही तय हो सके। उन्होंने आरोप लगाया कि छात्रों के खिलाफ फेशियल रिकग्निशन तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है और उन्हें डराने-धमकाने के लिए संगठित प्रयास किए जा रहे हैं ताकि वे भविष्य में अपनी आवाज न उठा सकें। उन्होंने कहा कि सरकार छात्रों पर हुए अत्याचार से ध्यान भटकाने के लिए विधेयक लेकर आई है। यह “एंटी पेपर लीक बिल नहीं, बल्कि पनिशमेंट बिल” है।

कांग्रेस नेता ने कहा कि श्री शाह को पद से हटाकर पूरे मामले की उच्चतम न्यायालय की निगरानी में स्वतंत्र और उच्च स्तरीय जांच कराई जानी चाहिए, ताकि यह पता चल सके कि छात्रों पर गोली और पैलेट गन चलाने का आदेश किसने दिया तथा दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित हो सके। उन्होंने कहा कि छात्रों ने कोई अपराध नहीं किया था और उन्हें न्याय मिलना ही चाहिए।

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