मुंबई, 29 जुलाई (वार्ता) देश में सार्वजनिक क्षेत्र के सबसे बड़े बैंकिग प्रतिष्ठान भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) ने चालू वित्त वर्ष में अपने पहले चिरस्थायी बांड (एटी1 बांड) निर्गम के जरिए 4,691 करोड़ जुटाए जुटाएं हैं जिन पर निवेशकों को 7.75 प्रतिशत वार्षिक की दर से ब्याज दर मिलेगा। ये बांड बेसल तीन नियमों के अनुरूप हैं।
बैंक की ओर से बुधवार को जारी एक विज्ञप्ति के अनुसार यह बॉन्ड चिर स्थायी प्रकृति के हैं, जिनमें पांच वर्ष बाद तथा उसके बाद प्रत्येक वर्षगांठ पर कॉल ऑप्शन उपलब्ध रहेगा। बासेल3 नियमों के अतिरिक्त इन बॉन्ड को क्रिसिल रेटिंग्स और केयर रेटिंग्स ने ‘एए ‘ (स्थिर दृष्टिकोण) की रेटिंग प्रदान की है।
एसबीआई के अनुसार, इस निर्गम का निवेशकों ने जोरदार स्वागत किया और 3,000 करोड़ रुपये की प्राथमिक प्रस्तुति के दो गुना से अधिक बांड के लिए बोलियां मिली। इन निर्गम में भविष्य निधि कोषों, पेंशन फंड, म्यूचुअल फंड, बैंक तथा अन्य संस्थागत निवेशकों पात्र संस्थागत निवेशकों से कुल 89 बोलियां मिलीं।
एसबीआई के चेयरमैन सी. एस. सेट्टी ने कहा कि विभिन्न श्रेणी के निवेशकों की व्यापक भागीदारी और विविध प्रकार की बोलियां इस बात का प्रमाण हैं कि देश के सबसे बड़े बैंक पर निवेशकों का भरोसा लगातार मजबूत बना हुआ है। उन्होंने कहा कि निवेशकों की सकारात्मक प्रतिक्रिया को देखते हुए बैंक ने 7.75 प्रतिशत वार्षिक कूपन दर पर 4,691 करोड़ स्वीकार करने का निर्णय लिया है। इस निर्गम के जरिए बैंक शेयर-पूंजी को छोड़ कर दूसरी दीर्घकालिक नियामकीय पूंजी जुटाने के अपने स्रोतों में विविधता लाया है।
