नई दिल्ली, देश में दक्षिण-पश्चिम मॉनसून की कमी के बावजूद भूजल (ग्राउंडवाटर) का भंडार काफी हद तक स्थिर बना हुआ है, जो मौजूदा खरीफ सीजन के लिए एक जरूरी बफर साबित हो रहा है।
88 प्रतिशत कुओं में भूजल स्तर सामान्य
कृषि मंत्रालय के क्रॉप वेदर वॉच ग्रुप की रिपोर्ट के अनुसार, देश भर के करीब 88 प्रतिशत मॉनिटर किए गए कुओं में पानी का स्तर सामान्य बना हुआ है, जिससे ट्यूबवेल के जरिए सिंचाई के लिए पर्याप्त मदद मिल रही है।
भविष्य की चिंताएं और विशेषज्ञों की चेतावनी
विशेषज्ञों का मानना है कि मॉनसून की कमी का असर कुछ महीनों बाद जमीन की नमी पर पड़ सकता है, जिससे त्योहारों के सीजन में कीमतों में बढ़ोतरी की आशंका बनी हुई है।

