
छतरपुर। जिले के ईशानगर थाना क्षेत्र के हतनाई गांव में पैतृक जमीन को लेकर चल रहे पारिवारिक विवाद के बीच 21 वर्षीय विवाहिता रानी आदिवासी ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना के बाद परिवार और गांव में शोक का माहौल है। मृतका अपने पीछे छह माह की मासूम बेटी को छोड़ गई है। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेजते हुए मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी।
मृतका के पिता सजी आदिवासी निवासी भिलगुवा (थाना राजनगर) ने आरोप लगाया कि रानी के चाचा ससुर भुजी और सास भागवती ने पैतृक जमीन का एक हिस्सा बेच दिया था तथा शेष जमीन बेचने की तैयारी कर रहे थे। उनका कहना है कि रानी इसका विरोध करती थी और परिवार की जमीन बचाने की बात कहती थी, क्योंकि उसे बच्चों के भविष्य की चिंता थी। इसी बात को लेकर घर में आए दिन विवाद होता था।
परिजनों का आरोप है कि लगातार चल रहे विवाद और मानसिक प्रताड़ना से परेशान होकर रानी ने यह कदम उठाया। मृतका के पिता ने दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। वहीं, ईशानगर थाना पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट व जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
