एनसीआर में प्रदूषण पर हरियाणा सरकार का बड़ा एक्शन प्लान, एक माह में ग्रीन होंगे प्रमुख चौराहे, नई ईवी नीति भी जल्द

पंचकूला (वार्ता) राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में बढ़ते वायु प्रदूषण पर लगाम कसने के लिए हरियाणा सरकार ने बड़े स्तर पर कार्रवाई का खाका तैयार किया है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने शुक्रवार को उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में अधिकारियों को समयबद्ध ढंग से प्रदूषण नियंत्रण उपाय लागू करने के निर्देश दिए।

बैठक में एक माह के भीतर प्रमुख चौराहों को हरित क्षेत्र के रूप में विकसित करने, ‘नो पीयूसीसी-नो फ्यूल’ व्यवस्था लागू करने, पुराने वाहनों के खिलाफ कार्रवाई तेज करने और नई ईवी नीति लाने जैसे कई अहम फैसले लिए गए।

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि वायु प्रदूषण नियंत्रण से जुड़े सभी कार्य तय समय-सीमा में पूरे किए जाएं। उन्होंने परिवेशी वायु गुणवत्ता निगरानी प्रणाली (सीएएक्यूएमएस) के विस्तार, इलेक्ट्रिक बसों और चार्जिंग स्टेशनों की संख्या बढ़ाने, पुराने वाहनों के खिलाफ अभियान चलाने तथा ‘नो पीयूसीसी-नो फ्यूल’ व्यवस्था को समय पर लागू करने के निर्देश दिए। उन्होंने ट्रैफिक जाम वाले हॉटस्पॉट और प्रदूषण नियंत्रण परियोजनाओं की नियमित निगरानी सुनिश्चित करने को भी कहा।

बैठक में केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने निर्देश दिए कि गुरुग्राम, फरीदाबाद और सोनीपत के प्रमुख चौक-चौराहों की अगले एक माह में पहचान कर वहां व्यापक पौधारोपण, नियमित डीप क्लीनिंग और सड़कों के किनारे गड्ढे भरकर हरित क्षेत्र विकसित किए जाएं, ताकि धूल और पीएम-10 के स्तर को प्रभावी ढंग से कम किया जा सके।

मुख्यमंत्री ने बताया कि इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए हरियाणा सरकार अगली कैबिनेट बैठक में नई इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) नीति लाने जा रही है। इसके साथ ही उन्होंने एनसीआर क्षेत्र और विशेष रूप से चंडीगढ़-दिल्ली राष्ट्रीय राजमार्ग पर अधिक से अधिक ईवी चार्जिंग स्टेशन विकसित करने के निर्देश दिए, ताकि इलेक्ट्रिक वाहनों और बसों को निर्बाध चार्जिंग सुविधा मिल सके।

बैठक में निर्माण एवं विध्वंस (सीएंडडी) अपशिष्ट प्रबंधन, ठोस कचरा निस्तारण, प्रदूषण फैलाने वाले उद्योगों पर कार्रवाई, बायोमास जलाने की रोकथाम और धान की पराली के वैज्ञानिक प्रबंधन की भी समीक्षा की गई। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि वायु गुणवत्ता में सुधार के लिए केंद्र और राज्य सरकारों के बीच बेहतर समन्वय तथा कार्ययोजना की निरंतर निगरानी आवश्यक है।

पराली प्रबंधन पर मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री ने अधिकारियों को जनप्रतिनिधियों के सहयोग से गांव-गांव जागरूकता अभियान चलाने, किसानों को उपलब्ध विकल्पों की जानकारी देने तथा जिला स्तर पर लक्ष्य तय कर उनकी नियमित समीक्षा करने के निर्देश दिए।

बैठक में मुख्यमंत्री ने गुरुग्राम, फरीदाबाद, सोनीपत और बहादुरगढ़ सहित एनसीआर के सभी प्रमुख ट्रैफिक जाम हॉटस्पॉट का वैज्ञानिक अध्ययन कर स्थायी समाधान तैयार करने को भी कहा, ताकि जाम और वाहनों से होने वाले प्रदूषण दोनों में प्रभावी कमी लाई जा सके।

 

 

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