
रीवा, शहर के अंदर एवं शहर से लगे हुए क्षेत्रों में अवैध तरीके से कई एकड़ में अवैध प्लाटिंग कर कालोनी काटी जा रही है. लेकिन जिम्मेदार अधिकारी कोई कार्यवाही नही कर रहे है. लगातार अवैध कालोनी की शिकायत मिलने पर औचक निरीक्षण करने कलेक्टर पहुंचे.
जहा वैधानिक अनुमति के बगैर कालोनी का निर्माण एवं प्लाटिंग की जा रही थी. जिस पर कलेक्टर ने जमकर फटकार लगाते हुए एफआईआर के निर्देश देने के साथ संलिप्त कर्मचारियों पर भी कार्यवाही की गाज गिरने के संकेत दिये है. रीवा जिले में अवैध प्लाटिंग और बिना अनुमति विकसित की जा रही कॉलोनियों के खिलाफ कलेक्टर नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी ने सख्त रुख अपनाते हुए बड़ी कार्रवाई की है. कलेक्टर ने शहर से सटे गड़रिया क्षेत्र में विकसित की जा रही अवैध प्लाटिंग का औचक निरीक्षण किया. निरीक्षण के दौरान लगभग 10 से 12 एकड़ से अधिक भूमि पर बिना वैधानिक अनुमति से कालोनी का निर्माण और प्लाटिंग करके जमीन की बिक्री करते पाई गई. संबंधित भूमि पर नियमों को दरकिनार कर भूखंडों का निर्माण एवं बिक्री की गई है. इस आवासीय परिसर में सडक़, बिजली और पानी की भी समुचित व्यवस्था नहीं है. कलेक्टर ने अवैध रूप से कालोनी निर्माण पर पटवारी को जमकर फटकार लगाई. कालोनी में बिना सक्षम प्राधिकारी की अनुमति के प्लॉटों का सीमांकन करने तथा अन्य विकास कार्य किए जा रहे हैं. मामले की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर ने संबंधित कॉलोनाइजरों एवं जिम्मेदार व्यक्तियों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए. कलेक्टर ने स्पष्ट कहा कि जिले में अवैध प्लाटिंग किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी. बिना अनुमति कृषि भूमि का उपयोग बदलकर प्लॉट काटने वाले लोगों के खिलाफ राजस्व एवं नगर प्रशासन के नियमों के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी. जिन व्यक्तियों ने अवैध रूप से प्लॉट बेचे हैं उनकी यदि अन्य जमीने हैं तो उनकी कुर्की करके कालोनी में मूलभूत सुविधाओं का विकास किया जाएगा, जिससे कालोनी वासियों की परेशानी दूर हो. शहर के आसपास की अन्य अवैध कालोनियों पर भी शीघ्र कार्यवाही की जाएगी.
अवैध प्लाटिंग को संरक्षण देने वाले पर भी गिरेगी गाज
कलेक्टर ने मौके पर उपस्थित एसडीएम हुजूर तथा अन्य अधिकारियों को निर्देशित किया कि पूरे मामले की विस्तृत जांच कर दोषियों के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित करें. अवैध प्लांटिंग में यदि किसी सरकारी अधिकारी और कर्मचारी की संलिप्तता पाई जाती है तो उसके विरूद्ध कड़ी अनुशासनात्मक कार्यवाही प्रस्तावित करें. अवैध प्लाटिंग को संरक्षण देने या अनदेखी करने वाले किसी भी कर्मचारी को बख्शा नहीं जाएगा.
