सीहोर। आखिरकार 13 दिनों से रूठा मानसून मंगलवार को जिले पर मेहरबान हो ही गया. तड़के से शुरू हुई झमाझम बारिश का सिलसिला सुबह तक जारी रहा। रुक-रुककर हुई मध्यम से तेज बारिश ने सूखे की चिंता में डूबे किसानों को बड़ी राहत दी. अमृतमयी बारिश से सोयाबीन, मक्का और अन्य खरीफ फसलों में नई जान आ गई, वहीं किसानों के चेहरों पर कई दिनों से छाई चिंता की लकीरें मुस्कान में बदल गईं. बारिश से मौसम पूरी तरह बदल गया और लोगों को भीषण गर्मी व उमस से भी राहत मिली.
बीते 13 दिनों से जिले में बारिश नहीं होने के कारण खेतों की नमी तेजी से खत्म हो रही थी. सोयाबीन सहित खरीफ फसलें मुरझाने लगी थीं और कई किसान दोबारा बुवाई की आशंका से चिंतित थे. मंगलवार की बारिश किसानों के लिए किसी संजीवनी से कम साबित नहीं हुई. सुबह होते ही किसान खेतों का जायजा लेने पहुंचे और फसलों में लौटी ताजगी देखकर राहत की सांस ली. कृषि जानकारों का मानना है कि समय पर हुई बारिश फसलों की बढ़वार और उत्पादन के लिए बेहद लाभकारी साबित होगी.
मौसम विभाग के अनुसार बंगाल की खाड़ी और अरब सागर में सक्रिय हुए नए चक्रवाती सिस्टम तथा मध्य भारत के ऊपर गुजर रही मानसून ट्रफ लाइन के कारण प्रदेश में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है. इसके प्रभाव से सीहोर सहित आसपास के जिलों में अगले तीन से चार दिनों तक मध्यम से भारी बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है. कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ तेज बारिश की भी चेतावनी जारी की गई है. जानकारों की मानें तो यदि अगले तीन-चार दिनों तक बारिश का यही क्रम बना रहा तो न केवल खरीफ फसलों को लाभ मिलेगा, जिले के नदी-नालों, तालाबों और जलाशयों का जलस्तर बढ़ेगा, जिससे किसानों और आम लोगों को लंबे समय तक राहत मिलने की उम्मीद है.
अब तक जिले में 14.75 इंच बारिश दर्ज
भू-अभिलेख विभाग के 21 जुलाई के आंकड़ों के अनुसार जिले में मंगलवार को औसतन 0.45 इंच वर्षा दर्ज की गई. सबसे अधिक 1.42 इंच बारिश श्यामपुर में हुई, जबकि बुधनी में 1.02 इंच, रेहटी में 0.76 इंच, सीहोर शहर में 0.28 इंच और भैरूंदा में 0.12 इंच वर्षा दर्ज की गई. आष्टा, जावर और इछावर में बारिश नगण्य रही. सीजन की शुरुआत यानी 1 जून से अब तक जिले में औसत 14.75 इंच वर्षा दर्ज की जा चुकी है. इसमें आष्टा में 19.76 इंच, जावर में 17.87 इंच, भैरूंदा में 15.43 इंच, रेहटी में 15.36 इंच, इछावर में 14.88 इंच, सीहोर शहर में 13.02 इंच, बुधनी में 12.50 इंच तथा श्यामपुर में 9.15 इंच वर्षा रिकॉर्ड की गई है. हालांकि पिछले वर्ष इसी अवधि तक जिले में औसतन 17.71 इंच बारिश हो चुकी थी, जबकि जिले की सामान्य वार्षिक औसत वर्षा 45.21 इंच है.
नालियां चोक होने से सड़कों पर जमा हुआ गंदा पानी
मंगलवार को हुई बारिश ने शहर की जल निकासी व्यवस्था की कमजोरियों को भी उजागर कर दिया. बद्री महल चौराहे के समीप नालियां चोक होने के कारण गंदा पानी दुकानों के सामने जमा हो गया. जलभराव के कारण राहगीरों और वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ा. दुकानदारों ने वर्षों पुरानी इस समस्या के स्थायी समाधान की मांग दोहराई. उनका कहना है कि हर बारिश में यही स्थिति बनती है. फिर भी इसका स्थायी समाधान किया जाना जरूरी नहीं समझा गया.
