रूस ने 19 जुलाई की रात यूक्रेन की राजधानी कीव पर 31 बैलिस्टिक और 8 जिरकॉन हाइपरसोनिक मिसाइलों से हमला किया। इस हमले में 7 लोग घायल हुए हैं और कई इमारतें जलकर खाक हो गई हैं।
रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध ने एक बार फिर विनाशकारी मोड़ ले लिया है। रविवार, 19 जुलाई 2026 की रात रूस ने यूक्रेन की राजधानी कीव पर अब तक का सबसे बड़ा और घातक मिसाइल हमला किया है। इस भीषण हमले में कीव के कई रिहायशी इलाके दहल उठे और आसमान में आग की लपटें दिखाई देने लगीं।
स्थानीय अधिकारियों के अनुसार, इस हमले में कम से कम 7 लोग घायल हुए हैं, जिनमें से 6 की हालत गंभीर होने के कारण उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
कई घातक मिसाइलों से हमला
यूक्रेनी वायु सेना और मॉनिटरिंग चैनलों के मुताबिक, रूस ने इस हमले के लिए अपनी सबसे आधुनिक मिसाइलों का इस्तेमाल किया। हमले में कुल 31 बैलिस्टिक मिसाइलें और कम से कम 8 जिरकॉन हाइपरसोनिक मिसाइलें शामिल थीं।
धमाकों की गूंज देर रात करीब 1:30 बजे शुरू हुई, जब पूरे मध्य और पूर्वी यूक्रेन में हवाई हमले के सायरन बजने लगे। इसके बाद करीब एक घंटे के भीतर मिसाइलों के कई दौर चले, जिससे राजधानी का कोना-कोना दहल गया।
कीव के अलग-अलग जिलों में भारी नुकसान
कीव के मेयर विटाली क्लिट्स्को ने बताया कि मिसाइलों के मलबे और सीधे प्रहार से शहर के कई जिलों में भारी नुकसान हुआ है:
निप्रोव्स्की जिला: यहां एक हॉस्टल में आग लग गई और एक शॉपिंग सेंटर के पास धुआं उठता देखा गया।
डेस्न्यांस्की जिला: एक वाणिज्यिक संपत्ति के मैदान पर मिसाइल गिरने से वाहनों और एक गोदाम में भीषण आग लग गई।
सोलोमियांस्की जिला: यहां एक सुपरमार्केट की छत और पास की एक रिहायशी इमारत में आग लग गई। एक नौ मंजिला इमारत की खिड़कियां चकनाचूर हो गई।
शेवचेंकिव्स्की जिला: एक प्रशासनिक भवन का तीन मंजिला हिस्सा आग की भेंट चढ़ गया और 10 से अधिक कारें क्षतिग्रस्त हो गईं।
एयर डिफेंस की कमी बनी बड़ी चुनौती
यह हमला ऐसे समय में हुआ है जब यूक्रेन पैट्रियट एयर डिफेंस मिसाइलों की भारी कमी का सामना कर रहा है। बैलिस्टिक मिसाइलों को रोकने के लिए ये सिस्टम बेहद जरूरी हैं, लेकिन आपूर्ति कम होने के कारण कीव की सुरक्षा व्यवस्था कमजोर पड़ रही है।
गौर करने वाली बात है कि रूस पिछले कुछ हफ्तों से लगातार कीव को निशाना बना रहा है। इससे पहले 2 जुलाई को हुए हमले में 31 लोग मारे गए थे और 6 जुलाई को 26 लोगों की जान गई थी।
युद्ध का पांचवां साल
युद्ध के पांचवें साल में प्रवेश करने के साथ ही दोनों देशों के बीच हमले और तेज हो गए हैं। जहां एक ओर रूस कीव पर मिसाइलें बरसा रहा है, वहीं दूसरी ओर यूक्रेन ने भी रूस के भीतर लॉजिस्टिक सेंटरों और तेल डिपो पर ड्रोन हमले तेज कर दिए हैं। अंतरराष्ट्रीय समुदाय इस बढ़ते तनाव को लेकर चिंतित है, लेकिन फिलहाल शांति की कोई उम्मीद नजर नहीं आ रही है।
