
जबलपुर। मध्यप्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार शनिवार को शासकीय बाल संप्रेक्षण गृह एवं शासकीय बाल गृह, गोकलपुर में निःशुल्क नेत्र परीक्षण एवं विधिक जागरूकता शिविर आयोजित किया गया। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सहयोग से आयोजित इस शिविर में दादा वीरेंद्रपुरी जी नेत्र संस्थान (देव जी नेत्रालय) की विशेषज्ञ टीम ने 39 बालकों एवं 10 बच्चों सहित कुल 49 बच्चों की आंखों की जांच की। परीक्षण के दौरान 9 बालकों में रिफ्रैक्शन व डाइलेशन तथा 3 बच्चों में इसोट्रोपिया (भेंगापन) की समस्या पाई गई। इन सभी बच्चों का निःशुल्क उपचार दादा वीरेंद्रपुरी जी नेत्र संस्थान में कराया जाएगा। शिविर के दौरान जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव शक्ति वर्मा ने बच्चों को निःशुल्क विधिक सहायता, उनके अधिकारों तथा राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा उपलब्ध कराई जाने वाली बाल हितैषी विधिक सेवाओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पात्र व्यक्ति हेल्पलाइन नंबर 15100 पर संपर्क कर निःशुल्क विधिक सहायता और कानूनी सलाह प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि प्रत्येक बच्चे को न्याय पाने का समान अधिकार है और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण उनके अधिकारों के संरक्षण के लिए हमेशा प्रतिबद्ध है।
बच्चों को किया प्रेरित
श्रीमती वर्मा ने बच्चों को अनुशासन, शिक्षा और सकारात्मक सोच अपनाकर जीवन में आगे बढ़ने तथा समाज का जिम्मेदार नागरिक बनने के लिए प्रेरित किया। शिविर में दादा वीरेंद्रपुरी नेत्र संस्थान के संस्थापक डॉ. पवन स्थापक के मार्गदर्शन में डॉ. कविता साहू ने नेत्र परीक्षण किया, जबकि नरेंद्र मालवीय एवं अनुज यादव ने सहयोग प्रदान किया। कार्यक्रम में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अमर कुमार बर्मन, अविनाश चौधरी तथा शासकीय बाल संप्रेक्षण गृह के अधीक्षक शैलेश श्रीवास्तव, हाउस मास्टर अनुज शर्मा सहित संस्थान का स्टाफ उपस्थित रहा।
