सतना: पद्मा शंकर चैरिटेबल ट्रस्ट द्वारा छात्राओं को आत्मरक्षा के लिए निःशुल्क जूडो-कराटे एवं ताइक्वांडो प्रशिक्षण प्रदान करने के उद्देश्य से सरस्वती उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, कालीबाड़ी मुख्तियारगंज में प्रशिक्षण का शुभारंभ किया गया। उद्घाटन समारोह में छात्राओं, अभिभावकों, शिक्षकों एवं गणमान्य नागरिकों की उपस्थिति रही।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि भास्कर भट्टाचार्य (मार्गदर्शक, सरस्वती कालीबाड़ी) रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता पद्मा शंकर चैरिटेबल ट्रस्ट के ट्रस्टी जयदेव ताम्रकार ने की। विशिष्ट अतिथियों में विभाष बनर्जी (अध्यक्ष, सरस्वती कालीबाड़ी विद्यालय), शिवम भारतीय, शशिभूषण भट्टाचार्य, अभिनव अग्रवाल, प्रीति चतुर्वेदी, डॉ. अजय तिवारी तथा विद्यालय के प्राचार्य संतोष मणि शर्मा उपस्थित रहे। ट्रस्ट के मुख्य प्रशिक्षक वीरेंद्र प्रताप सिंह एवं प्रशिक्षिकाएँ दिव्या सिंह राठौड़, दीपिका नामदेव और कुमकुम सिंह सहित विद्यालय के आचार्य एवं प्रशिक्षक भी कार्यक्रम में मौजूद रहे।
कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती एवं ट्रस्ट के प्रेरणास्रोत स्वर्गीय श्री शंकर प्रसाद ताम्रकार की प्रतिमा पर दीप प्रज्ज्वलित एवं माल्यार्पण कर किया गया। तत्पश्चात सभी अतिथियों का चंदन तिलक लगाकर स्वागत किया गया।
अपने संबोधन में विभाष बनर्जी ने स्वर्गीय श्री शंकर प्रसाद ताम्रकार के सेवा, संस्कार एवं समाजहित के कार्यों का उल्लेख करते हुए उनके आदर्शों को प्रेरणादायी बताया। वहीं मुख्य अतिथि भास्कर भट्टाचार्य ने छात्राओं का उत्साहवर्धन करते हुए अनुशासन, आत्मविश्वास और आत्मरक्षा के महत्व पर प्रकाश डाला।
अध्यक्षीय उद्बोधन में जयदेव ताम्रकार ने बताया कि पद्मा शंकर चैरिटेबल ट्रस्ट द्वारा अब तक लगभग 6,000 बच्चियों को निःशुल्क जूडो-कराटे एवं ताइक्वांडो का प्रशिक्षण दिया जा चुका है। उन्होंने बताया कि ट्रस्ट द्वारा आयोजित निःशुल्क नेत्र परीक्षण शिविरों के माध्यम से लगभग 6,000 लोगों की आंखों की जांच, जरूरतमंदों को निःशुल्क चश्मों का वितरण तथा लगभग 300 लोगों के नेत्र ऑपरेशन भी कराए जा चुके हैं।
उन्होंने कहा कि यह प्रशिक्षण बच्चियों को शारीरिक रूप से मजबूत, अनुशासित एवं आत्मविश्वासी बनाने के साथ-साथ किसी भी विपरीत परिस्थिति में अपनी सुरक्षा करने के लिए सक्षम बनाएगा। ट्रस्ट का उद्देश्य अधिक से अधिक बच्चियों तक यह निःशुल्क प्रशिक्षण पहुंचाकर उन्हें आत्मरक्षा के प्रति जागरूक और प्रशिक्षित करना है।
कार्यक्रम के अंत में सभी अतिथियों ने ट्रस्ट की इस पहल की सराहना करते हुए इसे समाज के लिए एक प्रेरणादायी प्रयास बताया।
