सतना : एडीईएन के विरुद्ध मोर्चा खोलते हुए विरोध प्रदर्शन और नारेबाजी की घटना को अभी कुछ दिन बीते ही थे कि अब रेल कर्मियों के निशाने पर एडीएमई आ गए.कैरेज एण्ड वैगन वर्कशॉप में पदस्थ कर्मचारियों ने एडीएमई के विरुद्ध विरोध प्रदर्शन करने के बाद मण्डल रेल प्रबंधक के नाम से संबोधित ज्ञापन सौंपा.वेस्ट सेंट्रल रेलवे वकर्स यूनियन के सचिव सचिन सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि विभिन्न समस्यायों के निराकरण की मांग को लेकर कैरेज एण्ड वैगन वर्कशॉप में बुधवार को गेट मीटिंग का आयोजन किया गया.
जिसमें सबसे कर्मचारियों की सबसे प्रमुख समस्या यह सामने आई कि एडीएमई अशोक चौरसिया द्वारा वेस्ट सेंट्रल वर्कर्स यूनियन से जुड़े कर्मचारियों और पदाधिकारियों को अनावश्यक रुप से प्रताडि़त किया जाता है. कर्मचारियों ने यह आरोप भी लगाया कि बिला उचित कारण चार्जशीट जारी करना, सर्विस रिकार्ड खराब करना, मानसिक दबाव बनाना और अनुचित प्रशासनिक कार्रवाई करना एडीएमई की कार्याशैली का हिस्सा बन चुका है.
इसी कड़ी ममें कर्मचारियों ने अपनी मांग रखते हुए कहा कि एसएफ-11 पर न सिर्फ रोक लगाई जाए बल्कि लंबित की निष्पक्ष समीक्षा हो, कर्मचारियों को गुणवत्तापूर्ण रेनकोट उपलब्ध कराई जाए, किसी कर्मचारी के रिफे्रशर कोर्स में भेजे जाने पर वैकल्पिक व्यवस्था की जाए, गंभीर बीमारी अथवा चिकित्सकीय कारणों से प्रभावित कर्मचारियों की यथा संभव डे ड्यूटी लगाई जाए और इसके साथ ही 9 अन्य मांगे रखी गईं. इन सभी मांगों से संबंधित ज्ञापन को डीआरएम के नाम संबोधित करते हुए सौंपा गया.
युनियन के बीच का टकराव…कैरेज एण्ड वैगन वर्कशॉप में पदस्थ रेल कर्मिंयों द्वारा प्रताडऩा का आरोप लगाते हुए भले ही एडीएमई के विरुद्ध मोर्चा खोलने का प्रयास किया जा रहा हो. लेकिन रेलवे के जानकार इसे युनियन के बीच का टकराव के तौर पर देख रहे हैं. बताया गया कि एक ओर जहां वेस्ट सेंट्र्रल वर्कर्स यूनियन द्वारा अधिक से अधिक कर्मचारियों को अपने संगठन में शामिल कर प्रभाव बढ़ाने का प्रयास किया जाता है. तो वहीं दूसरी ओर वेस्ट सेंट्रल रेलवे मजदूर संघ की कार्यशैली भी कुछ ऐसी ही नजर आती है. चूंकि एडीएमई पूर्व में वेस्ट सेंट्रल मजदूर संघ से जुड़े हुए थे. लिहाजा उन पर उसी युनियन से अधिक से अधिक कर्मचारियों को जोडऩे का दबाव बनाने जैसे आरोप लगाए जा रहे हैं. जबकि उसकी काट के लिए दूसरी युनियन के कर्मचारियों ने प्रताडऩा का आरोप लगाकर नया मोर्चा खोल दिया है.
