इंदौर: मास्टर प्लान की एमआर-12 सड़क पर रेल्वे ओवर ब्रिज को लेकर मंगलवार को आईडीए सभागृह में बैठक हुई. बैठक में मुख्य मुद्दा रेलवे स्पॉन की अनुमति को लेकर उलझा हुआ है. उक्त ब्रिज को पहले आईडीए 6 लेन चौड़ा बनाने वाला था. इसके लिए रेल्वे से अनुमति भी मिल गई थी. पीडब्ल्यूडी विभाग द्वारा उक्त रेल्वे ओवर ब्रिज निर्माण को लेकर मामला पेचीदा हो गया है.
आज आईडीए सभागृह में संभागायुक्त डॉ सुदामा खाड़े ने विभिन्न विभागों के अधिकारियों की बैठक ली. बैठक में एमआर-12 रेल्वे ओवर ब्रिज निर्माण को लेकर चर्चा हुई. बैठक का मुख्य मुद्दा रेलवे स्पॉन की अनुमति को लेकर उलझा हुआ है. बैठक में पश्चिम रेलवे के अधिकारी विशेष रूप से मौजूद थे. एमआर-12 पर छह लेन चौड़ी ब्रिज बनाना है, लेकिन पीडब्ल्यूडी द्वारा तीन लेन ब्रिज का टेंडर एवं वर्क ऑर्डर कर दिया गया था.
पीडब्ल्यूडी ने कैलोदहाला में ब्रिज निर्माण शुरू कर दिया है. रेलवे स्पॉन की अनुमति आईडीए के पास है, लेकिन रेलवे पीडब्ल्यूडी से सहमत नहीं है. इसी मुद्दे को लेकर आज बैठक हुई. बैठक में अब आईडीए और पीडब्ल्यूडी दोनों को अलग-अलग रेलवे की अनुमति लेने पर सहमत होने की संभावना बताई गई है. वहीं आईडीए एमआर 12 के तीन लेन फ्लाई ओवर ब्रिज के टेंडर अलग जारी करेगा, लेकिन रेल्वे की अनुमति की प्रत्याशा में.
सिंहस्थ की दृष्टि से महत्वपूर्ण
ध्यान रहे कि आने वाले सिंहस्थ को लेकर मास्टर प्लान की एमआर 12 सड़क पर यातायात की दृष्टि से रेल्वे ओवर ब्रिज महत्वपूर्ण है. उक्त ब्रिज निर्माण को लेकर आईडीए और पीडब्ल्यूडी दोनों रेलवे ओवर ब्रिज निर्माण नहीं कोर कर सके, तो एमआर-12 सड़क निर्माण का फायदा यातायात सुगम बनाने में नहीं मिलेगा.
