जबलपुर : जबलपुर रेलवे स्टेशन परिसर में प्रतिबंधित गुटखा और खैनी की खुलेआम बिक्री का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। सबसे गंभीर बात यह है कि इस अवैध कारोबार में कथित तौर पर नाबालिग लड़कियों का इस्तेमाल किया जा रहा है। दोपहर मुंबई से हावड़ा जाने वाली एक मेल ट्रेन के डिब्बों में एक नाबालिग लड़की यात्रियों को गुटखा और खैनी बेचती दिखाई दी। यदि ऐसा हो रहा है, तो यह न केवल प्रतिबंधित तंबाकू उत्पादों की अवैध बिक्री का मामला है, बल्कि बाल संरक्षण और कानून-व्यवस्था से जुड़ा गंभीर विषय भी है.
मालूम हो की स्टेशन परिसर में तंबाकू युक्त गुटखा पर लंबे समय से प्रतिबंध लागू है, फिर भी इसकी अवैध बिक्री की घटनाएं सामने आती रही हैं। यात्रियों का आरोप है कि स्टेशन परिसर और ट्रेनों में इस तरह की गतिविधियां नई नहीं हैं, लेकिन समय-समय पर होने वाली कार्रवाई के बावजूद इन पर स्थायी रोक नहीं लग पा रही है। उनका कहना है कि रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) और अन्य जिम्मेदार एजेंसियों की मौजूदगी के बीच यदि प्रतिबंधित सामग्री की खुलेआम बिक्री हो रही है, तो यह निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है।
हो रहा है नाबालिगों का इस्तेमाल
भारतीय रेल में यात्रियों और रेलवे परिसर की सुरक्षा की जिम्मेदारी आरपीएफ की भी है, जिसके तहत अवैध गतिविधियों पर निगरानी अपेक्षित होती है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, ट्रेन रुकते ही कुछ लोग डिब्बों में चढ़कर तेजी से गुटखा और खैनी बेचते हैं और ट्रेन खुलने से पहले उतर जाते हैं। आरोप है कि इस पूरे नेटवर्क में नाबालिगों का इस्तेमाल इसलिए किया जाता है ताकि कार्रवाई की स्थिति में मुख्य संचालक बच निकलें। इससे न केवल कानून का उल्लंघन होता है, बल्कि बच्चों को भी अवैध गतिविधियों में धकेले जाने का खतरा बढ़ जाता है। यदि इन आरोपों की पुष्टि होती है, तो यह मामला संबंधित विभागों द्वारा विस्तृत जांच का विषय बनता है।
शीघ्र कानूनी कार्यवाही हो
रेल यात्रियों और सामाजिक संगठनों ने रेलवे प्रशासन, आरपीएफ, जीआरपी तथा खाद्य एवं औषधि प्रशासन से संयुक्त अभियान चलाकर स्टेशन परिसर और ट्रेनों में प्रतिबंधित तंबाकू उत्पादों की बिक्री पर प्रभावी रोक लगाने की मांग की है। साथ ही यह भी मांग उठाई गई है कि यदि किसी नाबालिग से इस तरह का कार्य कराया जा रहा है, तो उसके पीछे सक्रिय लोगों की पहचान कर उनके विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। लोगों का कहना है कि केवल छिटपुट कार्रवाई से समस्या का समाधान नहीं होगा, बल्कि नियमित निगरानी, सतत अभियान और जवाबदेही तय किए बिना इस अवैध कारोबार पर अंकुश लगाना मुश्किल होगा।
इनका कहना है
आप के द्वारा यह मामला मेरे संज्ञान में आया है। निश्चित ही इनको चिन्हित कर कार्यवाही की जाएगी।
संजीवनी राजपूत, थाना प्रभारी, जीआरपी जबलपुर
