उज्जैन: जब डॉ मोहन यादव विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष थे तो मात्र 2 लाख 10 हजार में गरीबों और मध्यवर्गीय परिवारों को स्वयं की आवास उपलब्ध कराए थे, जो आज लाखों करोड़ों की कीमत पर पहुंच गए हैं, ऐसी एक योजना अब सीएम डॉ यादव के गृह नगर में विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष रवि सोलंकी द्वारा लाई जा रही है जिसे खासा प्रतिसाद मिलेगा.
महाकुंभ-2028 की तैयारियों के साथ उज्जैन में विकास की रफ्तार लगातार तेज हो रही है. शहर में जहां एक ओर सड़कों का चौड़ीकरण, नए पुल, फ्लाईओवर और अन्य आधारभूत सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर गरीब एवं मध्यम वर्गीय परिवारों के अपने घर के सपने को साकार करने की दिशा में भी उज्जैन विकास प्राधिकरण ने बड़ी पहल शुरू कर दी है. नव नियुक्त अध्यक्ष रवि सोलंकी ने पदभार संभालते ही स्पष्ट कर दिया है कि विकास प्राधिकरण का उद्देश्य केवल मकान बनाना नहीं, बल्कि घर-परिवार बसाना और शहर के प्रत्येक नागरिक को सम्मानजनक आवास उपलब्ध कराना है.
महाकुंभ की तैयारियों के कारण शहर के कई हिस्सों में सड़क चौड़ीकरण और अन्य विकास कार्य चल रहे हैं. इन परियोजनाओं से जिन परिवारों के मकान और दुकान प्रभावित हुए हैं, उनके पुनर्वास को लेकर भी प्रशासन गंभीर है. संभागायुक्त आशीष सिंह, कलेक्टर रोशन कुमार सिंह तथा विकास प्राधिकरण के अधिकारियों ने इस विषय को संवेदनशीलता के साथ लेते हुए नई आवासीय योजनाओं को प्राथमिकता दी है, ताकि विकास की कीमत किसी परिवार को बेघर होकर न चुकानी पड़े.
मिटेगा अमीर और गरीब का भेद
प्राधिकरण द्वारा टीडीएस-3, टीडीएस-4, टीडीएस-5, टीडीएस-6 और टीडीएस-7 योजनाओं के अंतर्गत सस्ती दरों पर आवास एवं प्लॉट विकसित किए जाएंगे. प्रारंभिक योजना के अनुसार 1400 हेक्टेयर से अधिक मकान एवं प्लॉट नई विकसित हो रही कॉलोनियों में उपलब्ध कराए जाएंगे. इनकी कीमत और आकार का अंतिम निर्णय आगामी बोर्ड बैठक में लिया जाएगा, जिसके बाद टेंडर और विज्ञापन जारी कर पात्र हितग्राहियों को आवंटन प्रक्रिया शुरू की जाएगी. प्राधिकरण की कॉलोनी में अमीर और गरीब का भेदभाव मिटेगा.
यह क्षेत्र होगा रोशन
लालपुर, हक्कानीपुरा, कानीपुरा, निमनवासा, विक्रम नगर और रेलवे स्टेशन क्षेत्र सहित कई स्थानों पर नई कॉलोनियां विकसित की जा रही हैं. इन परियोजनाओं में किसानों से 50 प्रतिशत भूमि लेकर शेष 50 प्रतिशत विकसित स्वरूप में वापस दी गई है. इससे जहां किसानों को भी आधुनिक सुविधाओं से युक्त विकसित भूखंड प्राप्त हो रहे हैं, वहीं सरकारी और निजी दोनों स्तर पर सुनियोजित कॉलोनियों का निर्माण हो रहा है. इससे भविष्य में उज्जैन में आवास की समस्या काफी हद तक समाप्त होने की उम्मीद है.
अध्यक्ष बोले किफायती मकान
उज्जैन विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष रवि सोलंकी ने कहा कि विकास प्राधिकरण का मूल उद्देश्य शहर का समग्र विकास करते हुए अधिक से अधिक लोगों को आवासीय एवं व्यावसायिक सुविधाओं का लाभ पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मंशा के अनुरूप गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों के लिए किफायती आवास उपलब्ध कराने की दिशा में नई योजनाएं तैयार की जा रही हैं। बोर्ड बैठक में कीमत और प्लॉट के आकार का निर्णय होने के बाद योजना को आमजन के लिए शुरू कर दिया जाएगा।
सीईओ बोले योजना को अंतिम रूप
विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी संदीप सोनी भी महाकुंभ-2028 की तैयारियों को लेकर लगातार विभिन्न परियोजनाओं की समीक्षा कर रहे हैं. प्रस्तावों और प्रेजेंटेशन के माध्यम से जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों के साथ योजनाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है, ताकि विकास और जनकल्याण दोनों लक्ष्य समान गति से पूरे हो सकें.
लौटेगी चेहरे पर मुस्कान
कुल मिलाकर उज्जैन विकास प्राधिकरण की यह नई पहल हजारों परिवारों के जीवन में नई उम्मीद लेकर आने वाली है. सस्ती दरों पर आवास और प्लॉट मिलने से उन गरीब एवं मध्यम वर्गीय परिवारों के चेहरे पर भी मुस्कान लौटेगी, जो वर्षों से अपने घर का सपना संजोए हुए थे. महाकुंभ-2028 के विकास कार्यों के साथ अब उज्जैन में हर परिवार को अपना घर का सपना भी साकार होता दिखाई दे रहा है
