छिंदवाड़ा: जिले के ऐतिहासिक व पर्यटन ग्राम देवगढ़ को विश्व स्तर पर स्थापित करने का प्रयास किया जा रहा है। यहां के ऐतिहासिक किले, बावडिय़ों, मां चंडी मंदिर, झरनों, जंगल-पहाड़, आदिवासी लोक संस्कृति व होम स्टे को विश्व स्तर पर प्रदर्शित करने के लिए डाक्यूमेंट्री फिल्म बनाई गई है, जिसकी शूटिंग तीन दिनों तक देवगढ़ में चली। बीते रोज शूटिंग का शेड्यूल पूरा हुआ, अब जल्द ही इसे वैश्विक मंच पर प्रदर्शित किया जाएगा, जिससे पर्यटन को बढ़ावा मिले।
कलेक्टर हरेंद्र नारायन व जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी अग्रिम कुमार के कुशल मार्गदर्शन में छिंदवाड़ा में पर्यटन विकास के कार्य हो रहे हैं। अधिकारीद्वय ने पर्यटन ग्राम देवगढ़ की ऐतिहासिक व सांस्कृतिक विरासत को विश्वपटल पर रखने के निर्देश दिए थे। इसी कड़ी में मध्य प्रदेश टूरिज्म बोर्ड के सहयोग से देवगढ़ ग्राम पर डाक्यूमेंट्री फिल्म की शूटिंग हुई। मुंबई से आई टीम ने देवगढ़ के होम स्टे में पहुंचें पर्यटकों द्वारा की जा रही विभिन्न एक्टिविटी को कैमरे में कैद किया।
देवगढ़ के वैभव को दर्शाने वाले गोंड शासकों के किले, दूरदर्शी सोच के साथ बनीं सालों पुरानी बावडिय़ों, मां चंडी मंदिर, आदिवासी लोक संस्कृति और संतरों के बगानों के साथ खेतों में उगाई जा रही सब्जियों को तोडक़र चूल्हे पर बनते खाने से लेकर हर उस पल और स्थान को कैमरे में कैद किया गया, जो देवगढ़ का नाम विश्व स्तर पर लाने में सहभागी बन सकता है। जिला पुरातत्व, पर्यटन एवं संस्कृति परिषद के नोडल अधिकारी बलराम राजपूत ने बताया कि मध्य प्रदेश टूरिज्म बोर्ड के सहयोग व बैक टू विलेज संस्था के प्रयासों से देवगढ़ में १२ होम स्टे बनाए गए हैं,जो देश-विदेश के पर्यटकों को आकर्षित कर रहे हैं। यहां महाराष्ट्र से बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंच कर ग्रामीण पर्यटन का आनंद उठा रहे हैं।
