
तेहरान, 13 जुलाई (वार्ता) इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड्स कोर (आईआरजीसी) ने दक्षिणी ईरान पर रविवार रात हुए अमेरिकी हवाई हमलों के जवाब में सोमवार तड़के जॉर्डन, बहरीन और कुवैत स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन हमले किये। आईआरजीसी ने एक बयान में कहा कि अमेरिका ने होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों पर कथित हमलों को आधार बनाकर दक्षिणी ईरान में कई स्थानों पर हवाई हमले किये, जिसके जवाब में यह कार्रवाई की गयी। बयान के अनुसार, आईआरजीसी ने होर्मुज जलडमरूमध्य में दो जहाजों को रोका था, जिन्होंने अपना ट्रैकिंग सिस्टम बंद कर रखा था और बिना अनुमति निर्धारित मार्ग से हटकर नौवहन कर रहे थे, जिससे इस रणनीतिक जलमार्ग में यातायात प्रभावित हो रहा था।
आईआरजीसी ने कहा कि जवाबी कार्रवाई के पहले चरण में जॉर्डन स्थित प्रिंस हसन एयरबेस पर मिसाइल और ड्रोन से हमला किया गया। बयान में कहा गया, “जवाबी कार्रवाई के पहले चरण में प्रिंस हसन एयरबेस पर मिसाइल भंडार और ईंधन भंडारण सुविधाओं को निशाना बनाया।” दूसरे चरण में आईआरजीसी की एयरोस्पेस फोर्स ने बहरीन के शेख ईसा एयरबेस स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमला किया। आईआरजीसी के अनुसार, इस हमले में हेलीकॉप्टर रखरखाव एवं मरम्मत केंद्र, पी-8 इलेक्ट्रॉनिक युद्धक विमान के हैंगर तथा अमेरिकी ड्रोन अभियानों के कमांड एवं कंट्रोल सेंटर को निशाना बनाया गया।
तीसरे और चौथे चरण में कुवैत स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमले किये गये। आईआरजीसी ने दावा किया कि अली अल सलेम एयरबेस पर ईंधन भंडारण टैंक, पैट्रियट वायु रक्षा प्रणाली और अहमद अल जाबेर एयरबेस पर एफपीएस रणनीतिक रडार प्रणाली को नष्ट कर दिया गया। उसने यह भी दावा किया कि चौथे चरण में कुवैत स्थित अमेरिकी सेना के सतह से सतह पर वार करने वाली मिसाइल अड्डे पर हमला कर दो हिमार्स मिसाइल लांचर और मिसाइलों से भरे गोला-बारूद डिपो को पूरी तरह नष्ट कर दिया गया।
इस बीच, कुवैत ने कहा कि उत्तर में उसकी तीन सीमा चौकियां हमले में क्षतिग्रस्त हुई हैं तथा एक अपतटीय तेल ड्रिलिंग प्लेटफॉर्म पर ड्रोन हमला हुआ, जिसमें एक व्यक्ति घायल हो गया। बहरीन के गृह मंत्रालय ने सोमवार को बताया कि हमलों के बाद एक बार फिर हवाई हमले की चेतावनी देने वाले सायरन बजाए गए और लोगों से सुरक्षित स्थानों पर जाने को कहा गया। आईआरजीसी ने अपने बयान में कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य ईरान का क्षेत्र है और “दुनिया के दूसरे छोर से आई बच्चों की हत्या करने वाली बेलगाम सेना को यहां अवैध हस्तक्षेप जारी रखने की अनुमति नहीं दी जाएगी।”
इससे पहले अमेरिकी सेना ने रविवार देर रात ईरान के विभिन्न हिस्सों पर एक और बड़े पैमाने पर हमले किये। अमेरिकी केंद्रीय कमान (सेंटकॉम) के अनुसार इन हमलों में दर्जनों ठिकानों को निशाना बनाया गया।सेंटकॉम ने कहा कि हमलों में ईरान की वायु रक्षा प्रणालियां, तटीय रडार, मिसाइल एवं ड्रोन क्षमताएं तथा छोटी नौकाएं निशाना बनीं। उसका दावा है कि इन हमलों का उद्देश्य होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले अंतरराष्ट्रीय समुद्री यातायात पर हमले करने की ईरान की क्षमता को कमजोर करना था। ईरानी सरकारी मीडिया के अनुसार, अमेरिकी हमले दक्षिणी और पश्चिमी ईरान के कई क्षेत्रों में हुए, जिनमें क़ेश्म द्वीप, बंदर अब्बास, इराक सीमा से लगे खुज़ेस्तान प्रांत तथा फारूर द्वीप शामिल हैं। रिपोर्टों के मुताबिक फारूर द्वीप पर हुए हमले में एक दूरसंचार कर्मचारी की मौत हो गई, जबकि दो अन्य घायल हो गये।
