नयी दिल्ली, 09 जुलाई (वार्ता) वित्तीय सेवा विभाग (डीएफएस) के बैंकिंग और बीमा प्रभागों को मई में शिकायतों के निवारण के मामले में समूह ए में क्रमश: दूसरा और छठा स्थान प्राप्त हुआ। वित्त मंत्रालय की गुरुवार को जारी एक विज्ञप्ति के अनुसार वित्तीय सेवा विभाग को प्रतिवर्ष 2.50 लाख से अधिक शिकायतें प्राप्त होती हैं और नवंबर 2025 से यह विभाग लगातार शिकायत निवारण मूल्यांकन एवं सूचकांक (जीआरएआई) रैंकिंग में शीर्ष 10 मंत्रालयों/ विभागों में शामिल रहा है। प्रशासनिक सुधार एवं लोक शिकायत विभाग द्वारा जारी मई 2026 की जीआरएआई रैंकिंग में बीमा प्रभाग ने ग्रुप ए श्रेणी (जहां 500 या उससे अधिक शिकायतें दर्ज होती हैं) में दूसरा स्थान प्राप्त किया, जबकि बैंकिंग प्रभाग इसी श्रेणी में छठे स्थान पर रहा।
विज्ञप्ति में कहा गया है कि शिकायत निवारण के मामले में सुधार के लिए सात जनवरी 2024 से वित्तीय सेवा विभाग के सचिव स्वयं आकस्मिक रूप से 20-20 शिकायतों में कृत का की समीक्षा करते रहे हैं। इस प्रक्रिया में शिकायतकर्ताओं के साथ-साथ संबंधित वित्तीय संस्थानों के अध्यक्ष, प्रबंध निदेशक, मुख्य कार्यकारी अधिकारी तथा वरिष्ठ प्रबंधन भी सीधे भाग लेते हैं। इस पहल का उद्देश्य ग्राहकों का विश्वास बढ़ाना और शिकायतों का सार्थक एवं प्रभावी समाधान सुनिश्चित करना है।
वित्तीय सेवा विभाग ने भारतीय रिज़र्व बैंक, भारतीय बीमा विनियामक एवं विकास प्राधिकरण, पेंशन निधि विनियामक एवं विकास प्राधिकरणतथा सभी सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के साथ ‘प्रभावी शिकायत निवारण ढांचा’ विषय पर कार्यशालाओं का भी आयोजन किया है। इन कार्यशालाओं का उद्देश्य शिकायतों के मूल कारणों की पहचान करना तथा उनके समाधान की गुणवत्ता में सुधार लाना था। साथ ही, वित्तीय संस्थानों को ग्राहकों की शिकायतों का निपटारा पेशेवर ढंग, पारदर्शिता और संवेदनशीलता के साथ करने के लिए प्रोत्साहित किया गया, जिससे जनता का विश्वास मजबूत हुआ और सेवा वितरण में उल्लेखनीय सुधार आया।

