चित्रकूट: विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य एवं कल्याण के प्रति उच्च शिक्षा संस्थानों को अधिक संवेदनशील एवं उत्तरदायी बनाने के उद्देश्य से आयुक्त, उच्च शिक्षा, मध्यप्रदेश द्वारा आयोजित ऑनलाइन प्रशिक्षण कार्यक्रम में महात्मा गांधी चित्रकूट ग्रामोदय विश्वविद्यालय के फैकल्टी सदस्यों एवं कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। विश्वविद्यालय के सीएमसीएलडीपी भवन स्थित बाल्मीकि सभागार में अपराह्न 12 बजे से 2 बजे तक ऑन लाइन मोड में संपन्न इस प्रशिक्षण कार्यक्रम
कार्यक्रम का शुभारंभ संकाय अधिष्ठाताओं ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलन कर किया। स्वास्थ्य एवं कल्याण समिति के नोडल अधिकारी डॉ. राकेश कुमार श्रीवास्तव ने प्रशिक्षण की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य संरक्षण की आवश्यकता तथा उच्च शिक्षा विभाग की इस पहल के महत्व पर प्रकाश डाला।
ऑन लाइन प्रशिक्षण में किया सहभागिता*
इस अवसर पर प्रो. देव प्रभाकर राय (अधिष्ठाता, कृषि संकाय), प्रो. आञ्जनेय पांडेय (अधिष्ठाता, अभियांत्रिकी), प्रो. अमरजीत सिंह (अधिष्ठाता, ग्रामीण विकास एवं व्यवसाय प्रबंधन), प्रो. रघुवंश बाजपेयी (अधिष्ठाता छात्र कल्याण ), प्रो. सूर्यकांत चतुर्वेदी (अधिष्ठाता, विज्ञान एवं पर्यावरण), प्रो. कपिल देव मिश्रा (पूर्व कुलपति) तथा प्रो. भरत मिश्रा (पूर्व कुलगुरु), प्रो सुधाकर मिश्रा,
निदेशक शोध, प्रो अनिल अग्रवाल परीक्षा नियंत्रक, सहित कृषि, विज्ञान, प्रबंधन, अभियांत्रिकी, कला संकायों, विभागों, निदेशालयों, अनुभागों, कार्यालयों के पदस्थ शिक्षकों, अधिकारियों, कर्मचारियों ने उपस्थित होकर प्रशिक्षण कार्यक्रम सहभागिता की।
विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से कुलसचिव प्रो आञ्जनेय पांडेय ने विश्वास व्यक्त किया कि इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रमों से शिक्षकों एवं कर्मचारियों की संवेदनशीलता और जागरूकता में वृद्धि होगी तथा नवप्रवेशित विद्यार्थियों सहित सभी छात्र-छात्राओं के लिए सुरक्षित, समावेशी, सहयोगात्मक एवं मानसिक रूप से स्वस्थ शैक्षणिक वातावरण के निर्माण में महत्वपूर्ण सहयोग मिलेगा।
