फडणवीस ने ‘मिसिंग लिंक’ के बारे में विपक्ष को अफवाहें न फैलाने की दी चेतावनी

मुंबई, (वार्ता) महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बुधवार को विपक्ष को मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे के ‘मिसिंग लिंक’ के बारे में अफवाहें न फैलाने की चेतावनी दी।

इस लिंक में टाइगर वैली के ऊपर 182 मीटर ऊंचा केबल-स्टे ब्रिज है, जिसे भारी बारिश के बाद ट्रैफ़िक के लिए बंद करना पड़ा था।

श्री फडणवीस ने विधानसभा में कहा, “मिसिंग लिंक पर भूस्खलन (लैंडस्लाइड) के बाद कुछ लोगों ने बिना वजह सरकार की आलोचना की। इन लोगों को झूठ बोलने में ज़रा भी शर्म नहीं आयी। सरकार ने हालांकि 18 घंटे में ही मिसिंग लिंक पर यातायात बहाल कर दिया। भविष्य में मिसिंग लिंक को लेकर हमारी आलोचना करने वाला कोई नहीं बचेगा। लेकिन 10 साल बाद एक ऐसा मिसिंग लिंक होगा जो देवेंद्र फडणवीस और एकनाथ शिंदे के नामों से जाना जायेगा। आप देवेंद्र फडणवीस को बुरा-भला कह सकते हैं, कोई बात नहीं। मुझे इसकी आदत है। मैं ‘अब्यूज़-प्रूफ’ (गालियों का मुझ पर असर नहीं होता) हूं। लेकिन अगर आप महाराष्ट्र का अपमान करेंगे, तो मैं किसी को नहीं बख्शूंगा।”

उन्होंने कहा, “यह लिंक सिर्फ़ एक सड़क नहीं है। यह इंजीनियरिंग का एक अद्भुत नमूना है। हमने भारत का सबसे ऊंचा पुल और दुनिया की सबसे बड़ी सुरंगों में से एक बनायी है। इससे पूरे घाट सेक्शन को बायपास कर दिया गया है और दुर्घटनाएं खत्म हो गयी हैं। बारिश के कारण हुए भूस्खलन के बाद मलबे से आर्च (मेहराब) को नुकसान पहुंचा था, लेकिन कोई स्ट्रक्चरल दरार नहीं आयी थी। फिर भी विपक्ष ने इसे ऐसे पेश करना शुरू कर दिया जैसे 7000 करोड़ रुपये बर्बाद हो गये हों।”

मुख्यमंत्री ने कहा, “हमने मिसिंग लिंक पर हुए भूस्खलन से कुछ बातें सीखी हैं। हमें एहसास हुआ है कि पानी का बहाव कैसे बदल सकता है। इसलिए हम आईआईटी के विशेषज्ञों से सलाह लेने के बाद नये उपाय करेंगे ताकि अगले साल ऐसी घटना न हो।” उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नीत महायुति सरकार ने इस लिंक को बनाने का साहस दिखाया। इस लिंक को बनाने का प्रस्ताव महायुति सरकार ने ही तैयार किया था। तत्कालीन मुख्यमंत्री (कांग्रेस के पृथ्वीराज चव्हाण) ने 14 कारण बताते हुए दो पेज का एक पत्र लिखा था कि यह ‘मिसिंग लिंक’ क्यों नहीं बनाया जा सकता और फाइल बंद कर दी थी। उन्होंने कहा “हमने अधिकारियों और विशेषज्ञों से बात की, जिन्होंने कहा कि इस ‘मिसिंग लिंक’ को बनाना मुमकिन है। बाद में हमने इसे बनवा दिया।”

श्री फडणवीस ने कहा, “यह सिर्फ़ एक ‘मिसिंग लिंक’ नहीं, बल्कि इंजीनियरिंग का एक शानदार नमूना है। यह भारत का सबसे ऊंचा केबल-स्टेयड ब्रिज और दुनिया की सबसे चौड़ी सुरंग है। हमने यह ‘मिसिंग लिंक’ ऐसी जगह बनाया है जहां हवा 170 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलती है। इससे गाड़ियों को घाट (पहाड़ी रास्ते) का इस्तेमाल नहीं करना पड़ता। भारी बारिश के बाद भूस्खलन हुआ और मलबा नीचे आ गिरा, लेकिन सुरंग को कोई नुकसान नहीं हुआ। सड़क सुरंग में यात्रियों के इमरजेंसी बटन दबाने के तीन मिनट के भीतर ही वहां एक क्रेन पहुंच गयी। यात्रियों ने कहा कि सुरंग होने की वजह से ही वे बच पाये।”

 

 

Next Post

सिविल इंजीनियर हत्याकांड का साजिशकर्ता गिरफ्तार

Thu Jul 9 , 2026
जबलपुर: रांझी थाना अंतर्गत बडा पत्थर नरसिंहनगर में 15 एकड़ कृषि भूमि के विवाद पर 23 अप्रैल की सुबह गोली मारकर की गई सिविल इंजीनियर की हत्या मामले में फरार साजिशकर्ता बाबा नेल्सन उर्फ विकास नेल्सन को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पकड़े गए आरोपी से पूछताछ की जा […]

You May Like