छतरपुर: जिले में सड़क सुरक्षा को लेकर पुलिस और यातायात विभाग के संयुक्त प्रयासों का सकारात्मक परिणाम सामने आया है। वर्ष 2025 की तुलना में वर्ष 2026 के पहले छह महीनों में सड़क दुर्घटनाओं और मौतों में लगभग 30 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है। यातायात विभाग की रिपोर्ट के अनुसार जनवरी से जून 2025 के बीच जिले में 551 सड़क दुर्घटनाएं हुई थीं, जबकि इसी अवधि में वर्ष 2026 में यह संख्या घटकर 440 रह गई। वहीं सड़क हादसों में जान गंवाने वालों की संख्या 241 से घटकर 161 हो गई है।
यातायात प्रभारी बृहस्पति साकेत ने बताया कि जिले के चिन्हित ब्लैक स्पॉट्स और रेड स्पॉट्स का लगातार निरीक्षण कर उनमें तकनीकी सुधार किए गए। रोड एजेंसियों के सहयोग से अंधे मोड़ों को दुरुस्त किया गया तथा दुर्घटना संभावित स्थानों पर आवश्यक सुरक्षा उपाय लागू किए गए। इसके साथ ही पुलिस अधीक्षक रजत सकलेचा के निर्देशन में स्कूलों, कॉलेजों और सार्वजनिक स्थानों पर सड़क सुरक्षा जागरूकता अभियान भी लगातार चलाए गए, जिससे लोगों में यातायात नियमों के प्रति जागरूकता बढ़ी।
हालांकि दुर्घटनाओं और मौतों में कमी आई है, लेकिन घायलों की संख्या में हल्की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। वर्ष 2025 में छह माह के दौरान 446 लोग घायल हुए थे, जबकि वर्ष 2026 में यह संख्या बढ़कर 487 हो गई। विभाग का मानना है कि बेहतर चिकित्सा सहायता और त्वरित रेस्क्यू के कारण कई गंभीर हादसों में लोगों की जान बचाई जा सकी, जिससे मृत्यु दर में उल्लेखनीय कमी आई है।
यातायात विभाग अब शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क सुरक्षा को और मजबूत करने की दिशा में काम कर रहा है। आगामी कार्ययोजना में अतिक्रमण हटाना, यातायात व्यवस्था को और बेहतर बनाना तथा सड़क सुरक्षा संबंधी जनजागरूकता अभियान को और तेज करना शामिल है। अधिकारियों का कहना है कि प्रशासन, रोड एजेंसियों और आम नागरिकों के सहयोग से जिले में सड़क हादसों को और कम करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
