
पांढुरना, पर्यावरण संरक्षण और प्राकृतिक वनीकरण की दिशा में शनिवार को मोही-मांडवी के जंगलों में 20 हजार सीड्स बॉल फैलाए गए। यह पहल वाटर हीरो एवं जल प्रहरी नीरज वानखड़े द्वारा वन विभाग के सहयोग से की गई।
श्री वानखड़े ने बताया कि उन्होंने कुल 55 हजार सीड्स बॉल तैयार किए हैं, जिनमें 50 हजार सीताफल के बीज शामिल हैं। इन बीजों के अंकुरण के बाद पेड़ बनने पर जंगली पशु-पक्षियों को प्राकृतिक भोजन मिलेगा। साथ ही स्थानीय गरीब और आदिवासी परिवारों को सीताफल बेचकर रोजगार और अतिरिक्त आय का अवसर भी मिलेगा।
उन्होंने कहा कि “सीड्स बॉल केवल एक बीज नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए हरियाली, जल संरक्षण और आत्मनिर्भर ग्रामीण अर्थव्यवस्था का संकल्प है।”
कार्यक्रम में एसडीओ फॉरेस्ट पांढुरना चंचल पंवार, IFS ने सीड्स बॉल अभियान के वैज्ञानिक महत्व पर जानकारी दी। उन्होंने बताया कि वर्षा ऋतु में सीड्स बॉल से प्राकृतिक पौधों का विकास होता है, जिससे जंगलों का विस्तार, जैव विविधता संरक्षण, मिट्टी एवं जल संरक्षण को मजबूती मिलती है।
पांढुरना रेंज अधिकारी प्रभुराम मुच्छाला ने कहा कि आज बोए गए ये बीज भविष्य में विशाल वृक्ष बनकर वन्यजीवों के लिए भोजन, आश्रय और सुरक्षित आवास उपलब्ध कराएंगे। ऐसे अभियान प्रकृति और मानव दोनों के लिए लाभकारी सिद्ध होंगे।
