नहीं सुधरी सांदीपनि विद्यालय की वाहन व्यवस्था

शाजापुर, दूर दूर से सांदीपनि विद्यालय में पढऩे आने वाले बच्चों के लिए शिक्षा विभाग वाहन व्यवस्था सुचारू नहीं करवा पा रहा है. दो दिन पहले भी व्यवस्थ बिगडऩे से बच्चों को ट्रैक्टर ट्राली ओर अन्य वाहनों से जान जोखिम में डालकर स्कूल पहुंचना पड़ा था. दूसरे दिन भी विद्यार्थियों को जगह न होने का हवाला देकर बस में नहीं बैठाया जा रहा था. वहीं गुरूवार को भी बच्चों को घंटों इंतजार करना पड़ा, लेकिन स्कूल बस ही लेने नहीं पहुंची. जिसके चलते नाराज अभिभावकों व बच्चों ने चक्काजाम का प्रयास किया.

अधिकारियों की समझाईश के बाद ग्रामीण माने और स्कूल बस पहुंचने के बाद बच्चे स्कूल पहुंच सके. जब ग्रामीण चक्काजाम कर रहे थे उसी समय बेरछा रोड से गुजर रहीं शाजापुर एसडीएम मनीषा वास्कले ने प्रदर्शनकारियों से बात की और उन्हें समझाया. उन्होंने तत्काल बस भिजवाने का आश्वासन दिया, जिसके बाद करीब 11.30 बजे बस पहुंची. बच्चों को स्कूल भेजा गया और स्थिति सामान्य हो सकी. अधिकारियों द्वारा अभी तक भी समस्या का स्थाई समाधान नहंी किया जा सका है, क्योंकि गुरूवार को भी कई जगह बच्चे बस का इंतजार करते नजर आए. नगर के गांधीहाल, महूपुरा चौराहा पर बच्चे बसों का इंतजार करते रहे. लेकिन बस के नहीं पहुंचने से कुछ बच्चे घर लौट गए तो कुछ लिफ्ट लेकर स्कूल पहुंचने को मजबूर हुए तो कई बच्चों को उनके अभिभावकों ने स्कूल पहुंचाया.

ग्रामीण क्षेत्रों में ज्यादा परेशानी…

ग्रामीण क्षेत्रों में सांदीपनि विद्यालय की वाहन व्यवस्था की और हालत खस्ता है, ग्रामीणों की माने तो पिछले दो दिनों से बच्चों को बस नहीं मिल रही थी. उन्होंने बताया कि बस में जगह नहीं होने का हवाला देकर उनके बच्चों को छोड़ दिया जाता है, जबकि अन्य छात्रों को बैठा लिया जाता है. बच्चे सुबह 9.30 बजे से बस का इंतजार कर रहे थे, लेकिन बस उन्हें लिए बिना ही निकल गई. जिसके चलते गुरूवार को उनके सब्र का बांध टूट गया और वे सडक़ पर उतरने को मजबूर हो गए.

 

 

11 बसों के भरोसे 2800 बच्चों की जिम्मेदारी

 

सांदीपनि स्कूल में पहले लगभग 1200 विद्यार्थी थे,इसके बाद 20 स्कूलों के विलय के बाद विद्यार्थियों की संख्या बढक़र 2600 से 2800 हो गई है. वर्तमान में केवल 11 बसों के संचालन से परिवहन व्यवस्था प्रभावित हो रही है. हालांकि मामले को लेकर शिक्षा विभाग के सहायक संचालक राजेंद्र शिप्रे ने बताया कि बढ़ी हुई छात्र संख्या को देखते हुए तीन अतिरिक्त बसों की स्वीकृति मिल चुकी है. इन बसों का संचालन जल्द ही शुरू किया जाएगा. इसके अतिरिक्त राज्य स्तर पर 18 और बसों की मांग भेजी गई है, जिनकी स्वीकृति मिलते ही नई बसें उपलब्ध कराई जाएंगी.

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