
ग्वालियर। माधव विधि महाविद्यालय एवं रिसर्च सेंटर, ग्वालियर में साइबर सुरक्षा एवं साइबर संरक्षा विषय पर कार्यशाला का आयोजन किया गया। मुख्य वक्ता के रूप में सुमन गुर्जर, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (क्राइम ब्रांच), ग्वालियर उपस्थित रहीं। उन्होंने वर्तमान समय में तेजी से बढ़ रहे साइबर अपराधों, ऑनलाइन बैंकिंग एवं यूपीआई धोखाधड़ी, फिशिंग, सोशल मीडिया फ्रॉड, फेक कॉल, डिजिटल अरेस्ट, ओटीपी एवं केवाईसी फ्रॉड सहित विभिन्न साइबर अपराधों की कार्यप्रणाली पर विस्तार से प्रकाश डाला।
कार्यशाला का उद्देश्य विद्यार्थियों एवं शिक्षकों को बढ़ते साइबर अपराधों, डिजिटल सुरक्षा तथा साइबर कानूनों के प्रति जागरूक करना था। यह कार्यशाला माधव विधि महाविद्यालय एवं रिसर्च सेंटर, ग्वालियर की प्राचार्य डॉ. नीति पाण्डेय के मार्गदर्शन में हुई। कार्यक्रम में सुमन गुर्जर ने विद्यार्थियों को डिजिटल प्लेटफॉर्म का सुरक्षित उपयोग करने, मजबूत पासवर्ड अपनाने, टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन का उपयोग करने, किसी भी अज्ञात लिंक पर क्लिक न करने तथा ओटीपी, बैंकिंग विवरण एवं व्यक्तिगत जानकारी किसी के साथ साझा न करने की महत्वपूर्ण सलाह दी। उन्होंने साइबर अपराध का शिकार होने पर तत्काल राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर संपर्क करने तथा पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया भी समझाई।
सुमन गुर्जर ने विद्यार्थियों को साइबर सुरक्षा से संबंधित ‘क्या करें’ एवं ‘क्या न करें’ की महत्वपूर्ण जानकारियाँ दी।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने साइबर सुरक्षा से जुड़े अनेक प्रश्न पूछे, जिनका सुमन गुर्जर ने अत्यंत सरल, व्यावहारिक एवं प्रभावी ढंग से उत्तर दिया। उन्होंने अपने सेवाकाल के अनेक वास्तविक साइबर अपराधों के मामलों का उल्लेख करते हुए विद्यार्थियों को बताया कि किस प्रकार छोटी-सी असावधानी बड़े आर्थिक एवं सामाजिक नुकसान का कारण बन सकती है। इस अवसर पर डॉ. सुमन गुर्जर को “वीरांगना सम्मान” से सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का संचालन सोनाली दुबे, सहायक प्राध्यापक एवं इवेंट कोऑर्डिनेटर, द्वारा किया गया। धन्यवाद ज्ञापन डॉ. शीतल जैन, सहायक प्राध्यापक एवं इवेंट कोऑर्डिनेटर द्वारा किया गया।
अंत में प्राचार्य डॉ. नीति पाण्डेय ने कहा कि साइबर अपराध के मामलों में सतर्कता ही बचाव है। उन्होंने विद्यार्थियों को अपने परिवार और समाज में भी इस जानकारी को साझा करने का आग्रह किया।
