
सौसर, ग्राम पंचायत बोरगांव द्वारा आज जिला कलेक्टर एवं मध्यप्रदेश औद्योगिक विकास निगम प्रबंधन को औद्योगिक क्षेत्र से निकलने वाले दूषित अपशिष्ट जल की समस्या के संबंध में ज्ञापन सौंपकर तत्काल प्रभावी कार्रवाई की मांग की गई।
*मुख्य मार्ग पर जमा हो रहा केमिकल युक्त पानी, भूजल प्रदूषित होने की आशंका*
ज्ञापन में बताया गया कि विगत कई दिनों से औद्योगिक क्षेत्र से निकलने वाला दूषित अपशिष्ट जल रेमंड कंपनी के सामने एवं मुख्य मार्ग के किनारे लगातार जमा हो रहा है। इससे क्षेत्र में पर्यावरण प्रदूषण, जलभराव एवं भारी दुर्गंध की स्थिति निर्मित हो रही है। इस दूषित जल के कारण ग्राम पंचायत के सार्वजनिक पेयजल स्रोत एवं भूजल के प्रदूषित होने की आशंका भी बढ़ गई है, जिससे ग्रामवासियों के स्वास्थ्य पर बेहद प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।
*दोषियों पर कार्रवाई और स्थायी निकासी की मांग*
पंचायत ने प्रशासन से मांग की है कि इस गंभीर मामले की तत्काल उच्च स्तरीय जांच कराई जाए और दूषित जल की वैज्ञानिक व स्थायी निकासी की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। साथ ही, यदि इस मामले में किसी भी स्तर पर लापरवाही अथवा नियमों का उल्लंघन पाया जाता है, तो संबंधित जिम्मेदारों के विरुद्ध नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाए। सरपंच पंकज दातारकर ने नवभारत से चर्चा में बताया कि ग्रामवासियों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराना एवं पर्यावरण संरक्षण पंचायत की सर्वोच्च प्राथमिकता है। यदि समय रहते इस समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया, तो ग्राम पंचायत जनहित में सक्षम प्रशासनिक एवं वैधानिक मंचों पर भी अपनी बात मजबूती से रखेगी।
*ज्ञापन सौंपने के दौरान यह रहे उपस्थित*
इस दौरान ग्राम पंचायत बोरगांव के उपसरपंच घनश्याम कालबांडे, पंच पुरुषोत्तम काकड़े, ज्ञानेश्वर ताजने, प्रफुल्ल देवतले, पंच श्रीमती श्वेता पुसदेकर, श्रीमती सविता हिंगवे तथा ग्राम पंचायत सचिव कैलाश जिवतोडे सहित समस्त पंचगण मुख्य रूप से उपस्थित रहे। बहरहाल पंचायत ने जिला प्रशासन एवं AKVN प्रबंधन से जनहित एवं पर्यावरण संरक्षण को दृष्टिगत रखते हुए इस गंभीर समस्या के निराकरण हेतु शीघ्र एवं प्रभावी कार्रवाई करने का आग्रह किया है।
