नई दिल्ली | राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (NCERT) ने अपने नए पाठ्यक्रम में बड़ा बदलाव करते हुए कक्षा 9 की सोशल साइंस की किताब में ‘आपातकाल’ (1975-77) को पहली बार शामिल किया है। नई पाठ्यपुस्तक ‘अंडरस्टैंडिंग सोसाइटी: इंडिया एंड बियॉन्ड’ में इसे भारतीय लोकतंत्र के सामने आई एक प्रमुख चुनौती के रूप में दर्ज किया गया है, जहाँ छात्रों को उस दौरान निलंबित हुए मौलिक अधिकारों और प्रेस सेंसरशिप के बारे में पढ़ाया जाएगा।
लोकतंत्र की चुनौतियों का विश्लेषण
इस अध्याय में आपातकाल के अलावा समकालीन चुनौतियों जैसे फेक न्यूज, गलत जानकारी, सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान, गरीबी और सामाजिक भेदभाव जैसे विषयों पर भी विस्तार से चर्चा की गई है। इसके साथ ही ‘लोकतंत्र और आप’ नामक एक नया सेक्शन जोड़ा गया है, जिसका उद्देश्य छात्रों को एक जागरूक नागरिक के रूप में लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं में अपनी सक्रिय भूमिका और जिम्मेदारी को बेहतर ढंग से समझना है।
मीडिया और जनभागीदारी पर जोर
संशोधित किताब में लोकतंत्र में मीडिया की भूमिका को ‘चौथा स्तंभ’ बताते हुए इसके महत्व को रेखांकित किया गया है। साथ ही, भारत की लोकतांत्रिक मजबूती को दर्शाने के लिए 2024 के आंकड़ों और वोटिंग इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ-साथ जमीनी स्तर के लोकतंत्र, जैसे पंचायत व्यवस्था और महिला आरक्षण जैसे विषयों को भी शामिल किया गया है, ताकि विद्यार्थी भारतीय लोकतांत्रिक परंपराओं की व्यापक समझ विकसित कर सकें।

