इंदौर:शहर में गहराते जल संकट के बीच नर्मदा लाइन और सरकारी बोरिंग फेल होने से हालात गंभीर हैं. लोग एक-एक बाल्टी पानी के लिए तरस रहे हैं. ऐसे समय में निजी बोरिंग और टैंकर ही लोगों की प्यास बुझाने का एकमात्र सहारा बचे हैं.राज मोहल्ला क्षेत्र से लगे हुए वार्ड क्रमांक 70 के पंचमूर्ति नगर क्षेत्र के रहवासी पानी की गंभीर समस्या से जूझ रहे हैं. यहां पिछले तीन महीनों से रहवासी एक-एक बाल्टी के लिए संघर्ष कर रहे हैं. यहां की स्थिति ऐसी है कि नर्मदा लाइन पूरी तरह ठप पड़ी है, वहीं सरकारी बोरिंग से भी नाममात्र का पानी ही उपलब्ध हो पा रहा है.
क्षेत्र की गली नंबर 3 में लोगों को निजी बोरिंग के सहारे पानी भरना पड़ रहा है. स्थानीय नागरिकों के साथ-साथ आसपास के अन्य क्षेत्रों के लोग भी यहां पानी लेने पहुंच रहे हैं. क्योंकि उनके इलाकों में भी नर्मदा जलापूर्ति और सरकारी बोरिंग दोनों ही पर्याप्त पानी देने में विफल साबित हो रहे हैं. क्षेत्र में वर्षों पुरानी नर्मदा लाइन होने के कारण नियमित जलापूर्ति नहीं हो रही है. हाल ही में नई नर्मदा लाइन बिछाई गई है, लेकिन अब तक घरों में उसके कनेक्शन नहीं दिए गए हैं. वहीं सरकारी बोरिंग की पाइप लाइन बिछाने के लिए प्रत्येक परिवार से 100 रुपये शुल्क के रूप में लिए गए थे, इसके बावजूद पानी की सुविधा केवल औपचारिकता बनकर रह गई है. क्षेत्रवासियों ने जल्द से जल्द स्थायी समाधान की मांग की है.
यह बोले रहवासी…
पुरानी नर्मदा लाइन से बिल्कुल पानी नहीं आता. वहीं क्षेत्र में नई नर्मदा लाइन डाल तो दी, परंतु अभी तक किसी को भी कनेक्शन नहीं दिया. क्षेत्र में पानी की बहुत समस्या बनी हुई है.
– जगदीश सोनेर
पानी की किल्लत के कारण क्षेत्र के लोग पूरी गर्मी से परेशानी उठा रहे हैं. आसपास की गलियों में या फिर दूर जाकर दूसरे क्षेत्रों से पानी लाना पड़ रहा है.
– मंजू बाई
हमारी तरफ बिल्कुल भी पानी नहीं आता, इसलिए दूसरी गली में पानी लेने जाना पड़ता है, यहां भी बोरिंग में कम पानी आता है, इस कारण दो-चार बरतन ही भर पाते हैं.
– नीता प्रजापत
रहवासियों ने 100-100 रुपए देकर सरकारी बोरिंग की पाइपलाइन डलवाई. अभी स्टार्टर जल गया. लोगों ने पैसे देकर काम करवाया. क्षेत्रवासी पैसा इकट्ठा कर सरकारी बोरिंग का काम करवाते हैं, पार्षद तो आते ही नहीं हैं.
– हंसराज कल्याणे
