सतना :कृषि उपज मंडी में मंगलवार को गल्ला और तिलहन की नीलामी पूरी तरह बंद रही। मंडी शुल्क 1 प्रतिशत से बढ़ाकर 1.5 प्रतिशत किए जाने के विरोध में गल्ला तिलहन व्यापारी संघ के आह्वान पर व्यापारियों ने खरीदी कार्य का बहिष्कार किया और सरकार से निर्णय पर पुनर्विचार की मांग की।गल्ला तिलहन व्यापारी संघ, सतना के नेतृत्व में मंगलवार को कृषि उपज मंडी में विरोध प्रदर्शन किया गया। आंदोलन के चलते मंडी परिसर में किसी भी प्रकार की बोली या खरीदी नहीं हुई, जिससे दिनभर व्यापारिक गतिविधियां प्रभावित रहीं।
व्यापारी संघ का कहना है कि मंडी शुल्क में 0.5 प्रतिशत की वृद्धि से व्यापारियों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा। उनका तर्क है कि पहले से बढ़ती परिवहन लागत, श्रम व्यय, संचालन खर्च और बाजार की प्रतिस्पर्धा के बीच यह फैसला व्यापार को और कठिन बना देगा। संघ के अनुसार बढ़ी हुई लागत का असर अंत में कृषि उपज के दामों और आम उपभोक्ताओं पर पड़ सकता है, जिससे महंगाई बढ़ने की आशंका है।
व्यापारियों ने यह भी चिंता जताई कि अधिक शुल्क लागू होने से कुछ लोग शुल्क से बचने के लिए अनधिकृत तरीकों या चोरी की प्रवृत्ति अपना सकते हैं, जिससे शासन के राजस्व को नुकसान पहुंच सकता है और नियमों का पालन करने वाले व्यापारियों को असमान प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ेगा।
गल्ला तिलहन व्यापारी संघ ने प्रदेश सरकार से मंडी शुल्क वृद्धि के निर्णय को वापस लेने या उस पर पुनर्विचार करने की मांग की है। संघ का कहना है कि इससे व्यापार सुचारु रूप से संचालित होगा, किसानों और व्यापारियों के हित सुरक्षित रहेंगे तथा आम जनता पर अतिरिक्त महंगाई का बोझ नहीं पड़ेगा। व्यापारियों ने उम्मीद जताई कि सरकार जनहित, किसान हित और व्यापारी हित को ध्यान में रखते हुए सकारात्मक निर्णय लेगी।
