
इंदौर। शहर के झलारिया स्थित शिशुकुंज इंटरनेशनल स्कूल में योग दिवस के कार्यक्रम के बाद कथित फूड पॉइजनिंग की घटना सामने आई है। स्कूल में आयोजित कार्यक्रम के दौरान भोजन करने के बाद 100 से अधिक बच्चों की तबीयत बिगड़ गई। बच्चों को उल्टी, पेट दर्द और अन्य स्वास्थ्य संबंधी शिकायतें होने लगीं, जिसके बाद अभिभावकों ने स्कूल परिसर में पहुंचकर जमकर हंगामा किया।
दूषित भोजन या पानी की आशंका
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, कार्यक्रम के दौरान परोसे गए भोजन या दूषित पानी के सेवन से बच्चों के बीमार होने की आशंका जताई जा रही है। प्रभावित बच्चों को स्कूल प्रबंधन द्वारा ओआरएस उपलब्ध कराया गया, जबकि कई बच्चों को उपचार के लिए विभिन्न अस्पतालों में भर्ती कराया गया।
प्रशासन ने शुरू की जांच
मामले की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर शिवम वर्मा ने तत्काल खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम को स्कूल भेजकर जांच के निर्देश दिए। जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) और खाद्य विभाग की चार टीमें मामले की विस्तृत जांच में जुटी हैं।
कैंटीन में मिली एक्सपायर्ड खाद्य सामग्री
जांच के दौरान स्कूल की कैंटीन से एक्सपायर्ड मसाले, नमकीन और अन्य खराब खाद्य सामग्री मिलने की जानकारी सामने आई है। खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने कैंटीन से चावल, आइसक्रीम, शरबत, राजमा, अचार और पनीर सहित कुल 12 संदिग्ध खाद्य नमूनों को जब्त कर परीक्षण के लिए राज्य प्रयोगशाला, भोपाल भेजा है।
रिपोर्ट में गड़बड़ी मिलने पर कैंटीन होगी सील
कलेक्टर शिवम वर्मा ने कहा है कि यदि जांच रिपोर्ट में खाद्य सुरक्षा नियमों के उल्लंघन या गंभीर लापरवाही की पुष्टि होती है, तो स्कूल की कैंटीन को तत्काल सील कर दिया जाएगा। प्रशासन अस्पतालों में भर्ती बच्चों के स्वास्थ्य पर भी लगातार नजर बनाए हुए है।
स्कूल प्रबंधन ने माना, 100 से अधिक बच्चे प्रभावित
शुरुआत में स्कूल प्रबंधन ने केवल 35 बच्चों के प्रभावित होने की बात कही थी, लेकिन बाद में स्वीकार किया कि जूनियर विंग (केजी से कक्षा 4 तक) के 100 से अधिक बच्चों की तबीयत बिगड़ी है।
स्कूल ने शुरू की आंतरिक जांच
स्कूल प्रशासन ने वेंडर और कैंटीन स्टाफ की भूमिका की जांच के लिए आंतरिक जांच भी शुरू कर दी है। हालांकि, प्रबंधन का कहना है कि बच्चों के बीमार होने के वास्तविक कारणों की पुष्टि लैब रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगी।
फिलहाल जांच रिपोर्ट का इंतजार
फूड पॉइजनिंग की इस घटना ने स्कूलों में खाद्य सुरक्षा व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब सभी की नजर खाद्य सुरक्षा विभाग की जांच और लैब रिपोर्ट पर टिकी हुई है, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
प्रशासन की जांच और किचन में अनियमितताएं
एसडीएम दीपक चौहान ने बताया कि शिकायत मिलते ही कलेक्टर के निर्देश पर खाद्य, स्वास्थ्य और एडमिस्ट्रेशन की संयुक्त टीम शिशुकुंज इंटरनेशनल स्कूल पहुंची। जांच में किचन के 12 प्रकार के खाद्य पदार्थों की जांच की गई, जिनमें मसाले और नमकीन सहित कई आइटम एक्सपायरी डेट के पाए गए। खाद्य सुरक्षा विभाग ने चावल, आइसक्रीम, शरबत, राजमा, अचार और पनीर सहित 12 संदिग्ध नमूने जब्त कर भोपाल प्रयोगशाला भेज दिए हैं। किचन को सील करने की कार्यवाही भी की जाएगी
स्कूल परिसर में कंट्रोल रूम भी बनाया गया है, जहां से अभिभावकों को बच्चों की स्थिति की जानकारी दी जा रही है और किसी भी मेडिकल इमरजेंसी पर तुरंत अपडेट दिया जा रहा है। एसडीएम के अनुसार, अब तक 100 से अधिक बच्चों में उल्टी, दस्त और पेट दर्द की शिकायत सामने आई है, जिनमें से कुछ को प्राथमिक उपचार के बाद घर भेज दिया गया।
स्कूल प्रशासन का पक्ष
स्कूल की जूनियर विंग हेड ऋचा तिवारी ने बताया कि पहली शिकायत सोमवार सुबह करीब 9:30 बजे मिली थी। शुरुआती स्तर पर 35 बच्चों में लक्षण पाए गए थे, जो बाद में बढ़कर 100 से अधिक हो गए। उन्होंने बताया कि बच्चे शनिवार को आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुए थे, जहां उन्होंने रोटी, राजमा, चावल और आइसक्रीम का सेवन किया था। आइसक्रीम (अमूल ब्रांड) जून में निर्मित थी और उसकी वैधता एक वर्ष की है। प्रबंधन का कहना है कि भोजन ताजा बनाकर उसी दिन खत्म कर दिया जाता है और स्कूल में इंडस्ट्रियल RO सिस्टम के जरिए पानी की व्यवस्था है, जिसकी नियमित सर्विसिंग का रिकॉर्ड भी मौजूद है। प्रशासन और फूड सेफ्टी टीम जांच में जुटी है, और फिलहाल किसी भी बच्चे के अस्पताल में भर्ती होने की पुष्टि नहीं हुई है।
जांच जारी
प्रशासन ने कहा है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। मामला फिलहाल खाद्य सुरक्षा विभाग की जांच के अधीन है।
