स्टोरिया और इंग्लिश अवन पर भ्रामक दावों के लिए उपभोक्ता प्राधिकरण ने लगाया जुर्माना

नयी दिल्ली, 21 जून (वार्ता) केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (सीसीपीए) ने खाद्य उत्पादों के संबंध में “100 प्रतिशत” शब्द के भ्रामक इस्तेमाल और कारोबार में अनुचित तरीके अपनाने के लिए दो कंपनियों पर एक-एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। जिन कंपनियों पर जुर्माना लगाया गया है उनमें स्टोरिया फूड्स एंड बेव्रिजेज प्राइवेट लिमिटेड और इंग्लिश अवन ब्रांड नाम से कारोबार करने वाली कंपनी बेक्टर्स फूड स्पेशियलिटीज लिमिटेड शामिल हैं। प्राधिकरण ने दोनों कंपनियों को निर्देश दिया है कि वे अपने उत्पादों की पैकेजिंग, वेबसाइटों और सभी डिजिटल प्लेटफॉर्मों से इन भ्रामक दावों को तत्काल हटायें। यह कार्रवाई उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019 तथा भ्रामक विज्ञापनों और उनके समर्थन की रोकथाम संबंधी दिशा-निर्देश, 2022 के तहत की गयी है। सीसीपीए ने स्वतः संज्ञान लेते हुए स्टोरिया के 100 प्रतिशत नारियल पानी और 100 प्रतिशत अनार, मिक्स्ड फ्रूट, आम, तथा अमरूद और चिली जूसों की जांच की।

इन उत्पादों का प्रचार कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट, उत्पाद पैकेजिंग तथा विभिन्न ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्मों पर किया गया था। कंपनी ने पैकेजिंग और प्रचार में 100 प्रतिशत नारियल पानी लिख रखा था जबकि सामग्री के विवरण में पानी और नारियल पानी कॉन्सेंट्रेट (9.6 प्रतिशत) लिखा था। ब्रैकेट में लिखा था – 100 प्रतिशत नारियल पानी के बराबर। सीसीपीए ने कहा कि एक सामान्य उपभोक्ता 100 प्रतिशत नारियल पानी का अर्थ पूरी तरह प्राकृतिक नारियल पानी समझेगा। उत्पाद में क्लास-2 संरक्षक आईएनएस 202 भी मौजूद था, इसलिए “100 प्रतिशत प्राकृतिक” का दावा भी उचित नहीं था। इसी प्रकार कंपनी के 100 प्रतिशत अनार जूस में पानी, चार प्रतिशत अनार जूस का कॉन्सेंट्रेट और 10 प्रतिशत सेब से जूस का कॉन्सेंट्रेट पाया गया। उसके सभी जूस में पानी, उस फल का कॉन्सेंट्रेट और एप्पल जूस का कॉन्सेंट्रेट पाया गया।

बेकटर्स फूड स्पेशियरिटीज ने विभिन्न अखबारों और ऑनलाइन प्लेटफॉर्मों पर “100 प्रतिशत आटा ब्रेड”, “100 प्रतिशत होल ह्वीट ब्रेड”, “टेस्ट ऑफ 100 पर्सेंट नरिशमेंट”, “फिल योर डेज विद 100 पर्सेंट”, “द टेस्ट ऑफ 100 पर्सेंट गुडनेस” जैसे वाक्यांशों का प्रयोग किया था। इन वीडियो विज्ञापनों को 23 अप्रैल तक कुल मिलाकर 50 लाख से अधिक बार देखा जा चुका था। कार्यवाही के दौरान कंपनी ने स्वीकार किया कि उसके ब्रेड उत्पादों में केवल 87 प्रतिशत साबुत गेहूं का आटा था। सीसीपीए ने कहा है कि जिस उत्पाद में केवल 87 प्रतिशत साबुत गेहूं का आटा हो, उसे “100 प्रतिशत आटा ब्रेड” या “100 प्रतिशत होल ह्वीट ब्रेड” नहीं कहा जा सकता। प्राधिकरण ने कहा कि व्यावसायिक लाभ के लिए अतिरंजित या पूर्ण दावों की अनुमति नहीं दी जा सकती, यदि वे उपभोक्ताओं के सही जानकारी पाने और सूचित निर्णय लेने के अधिकार को प्रभावित करते हों।

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