नयी दिल्ली, 17 जून (वार्ता) पश्चिम बंगाल के वित्त मंत्री स्वपन दासगुप्ता ने बुधवार को यहां नीति आयोग के उपाध्यक्ष डॉ अशोक लाहिड़ी के साथ बजट-पूर्व एक महत्वपूर्ण परामर्श बैठक की। इसमें इस महीने के अंत में पेश होने वाले पश्चिम बंगाल के बजट से पहले राज्य की आर्थिक स्थिति, विकास की प्राथमिकताओं और राजकोषीय सुधार की रणनीतियों पर चर्चा की गयी। सूत्रों के अनुसार, बैठक में राज्य की समग्र वित्तीय स्थिति की समीक्षा की गयी और विकास के उन अवसरों की तलाश की गयी, जो पश्चिम बंगाल में विकास और निवेश को गति देने में मदद कर सकें। यह चर्चा 22 जून को प्रस्तावित राज्य के बजट से पहले हुई। सूत्रों ने बताया कि प्रख्यात अर्थशास्त्री और केंद्र सरकार के पूर्व अधिकारी लाहिड़ी ने राज्य की वित्तीय व्यवस्था, आर्थिक प्रबंधन और संभावित सुधार के उपायों पर नीतिगत सुझाव तथा विशेषज्ञ सलाह साझा की। इस विचार-विमर्श में दीर्घकालिक विकास ढांचे और उस व्यवस्था के तहत बेहतर समन्वय के अवसरों पर भी चर्चा हुई, जिसे भाजपा नेता ‘डबल-इंजन सरकार’ कहते हैं, जहां केंद्र और राज्य दोनों जगह एक ही दल सत्ता में होता है।
श्री दासगुप्ता ने बाद में ‘एक्स’ पर पोस्ट के जरिये इस बैठक की पुष्टि की। उन्होंने लिखा, “ बजट-पूर्व परामर्श के सिलसिले में मैं नीति आयोग के उपाध्यक्ष डॉ. अशोक लाहिड़ी के कार्यालय गया। हमने दिल्ली में पश्चिम बंगाल के लिए विभिन्न संभावनाओं पर चर्चा करते हुए बेहद सुखद घंटे बिताये। ” यह परामर्श इसलिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि पश्चिम बंगाल में भाजपा के सत्ता में आने के बाद राज्य सरकार अपना पहला पूर्ण बजट तैयार कर रही है। इसमें बुनियादी ढांचे, औद्योगिक विकास, रोजगार सृजन और राजकोषीय सुदृढ़ीकरण पर नये सिरे से ध्यान केंद्रित किये जाने की उम्मीदें हैं। सूत्रों ने संकेत दिया कि श्री लाहिड़ी के सुझावों में राज्य के आर्थिक प्रदर्शन को बेहतर बनाने के उद्देश्य से तत्काल राजकोषीय चुनौतियों और दीर्घकालिक विकास रणनीतियों दोनों को शामिल किया गया। माना जा रहा है कि इस चर्चा में सार्वजनिक वित्त मजबूत करने, निवेश आकर्षित करने और राज्य-स्तरीय पहलों को राष्ट्रीय विकास प्राथमिकताओं के अनुरूप बनाने के तरीकों पर विचार किया गया।
आर्थिक विश्लेषकों ने बताया है कि केंद्र और पश्चिम बंगाल के बीच राजनीतिक तालमेल विकास परियोजनाओं और नीतियों के क्रियान्वयन पर बेहतर समन्वय का अवसर प्रदान करता है। विशेषज्ञों ने क्षेत्र की रणनीतिक स्थिति, औद्योगिक आधार और कनेक्टिविटी के लाभों का उपयोग करते हुए पश्चिम बंगाल को व्यापक पूर्वी भारत विकास रणनीति में अधिक बारीकी से एकीकृत करने की संभावनाओं पर भी जोर दिया है। बजट प्रस्तावों को अंतिम रूप देने से पहले श्री दासगुप्ता के केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के साथ भी आगे विचार-विमर्श किये जाने की उम्मीद है। इस तरह की चर्चाओं में राजकोषीय सहायता, निवेश के अवसरों और प्रमुख बुनियादी ढांचे तथा विकास पहलों में सहयोग पर ध्यान केंद्रित किये जाने की संभावना है। बजट में आगामी वित्तीय वर्ष के लिए राज्य के आर्थिक रोडमैप की रूपरेखा तैयार होने की उम्मीद है। इसके साथ ही यह नयी सरकार की प्राथमिकताओं के संकेत भी देगा, क्योंकि सरकार पूरे पश्चिम बंगाल में विकास को बढ़ावा देने, सार्वजनिक वित्त में सुधार करने और कल्याण तथा विकास कार्यक्रमों को मजबूत करने का प्रयास कर रही है।

