लेबनान से इजराइल की वापसी पर अड़ा ईरान: विदेश मंत्री बोले- सैन्य मौजूदगी हटने तक युद्ध विराम संभव नहीं, समझौते पर संकट

दुबई |ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने एक बड़ा बयान देते हुए कहा है कि अमेरिका के साथ हुए युद्ध विराम समझौते का पालन तब तक संभव नहीं है जब तक इजराइली सेना लेबनान के उन इलाकों से नहीं हटती, जिन पर उसने युद्ध के दौरान कब्जा किया है। अराघची ने स्पष्ट किया कि इजराइल की मौजूदगी समझौते का सीधा उल्लंघन है, जिससे युद्ध को पूरी तरह खत्म करने की राह में नई मुश्किलें पैदा हो गई हैं।

नेतन्याहू और अमेरिका का रुख

इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने ईरान की इस मांग को खारिज करते हुए कहा है कि लेबनान में इजराइली सेना “जब तक जरूरी होगा” तब तक तैनात रहेगी। वहीं, अमेरिकी अधिकारियों का दावा है कि उनके द्वारा तैयार किए गए समझौते के मसौदे में इजराइल की वापसी की कोई शर्त नहीं रखी गई थी। यह मतभेद एक बार फिर शांति बहाली की प्रक्रिया को अधर में लटकाता दिख रहा है।

तनावपूर्ण स्थिति और वैश्विक चिंता

लेबनान में जारी हमलों में अब तक करीब 4,000 लोगों की जान जा चुकी है और 10 लाख से अधिक लोग विस्थापित हुए हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी इजराइल के मौजूदा सैन्य बर्ताव पर असंतोष जाहिर किया है। जिनेवा में प्रस्तावित औपचारिक समझौते से पहले, ईरान की नई मांग ने इजराइल को एक बड़ी रणनीतिक दुविधा में डाल दिया है, जिससे वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा पर भी खतरा बना हुआ है।

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