तिरुवनंतपुरम | केरल सरकार ने राज्य में महिलाओं और ट्रांसजेंडरों के सशक्तिकरण के लिए ‘प्रियदर्शिनी’ प्रोजेक्ट की शुरुआत की है। इस पहल के तहत राज्य की 3,125 साधारण केएसआरटीसी बसों में मुफ्त यात्रा की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। मुख्यमंत्री वी डी सतीशन ने थंपनूर बस टर्मिनल पर इस योजना का उद्घाटन किया। यह सेवा कांग्रेस द्वारा चुनाव प्रचार के दौरान किए गए ‘इंदिरा गारंटी’ वादे का मुख्य हिस्सा है, जो आज से पूरे राज्य में लागू हो गई है।
सामाजिक-आर्थिक बदलाव की दिशा में कदम
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि यह योजना केवल चैरिटी नहीं है, बल्कि महिलाओं को वित्तीय स्वावलंबन और सम्मान देने का माध्यम है। सरकार इस परियोजना के लिए लगभग 800 करोड़ रुपये का बजट आवंटित कर रही है, जिससे नौकरी, पढ़ाई और कौशल विकास के लिए महिलाओं की गतिशीलता बढ़ेगी। उन्होंने विश्वास दिलाया कि यह कदम परिवार में महिलाओं के हाथों में वित्तीय नियंत्रण को बढ़ावा देगा और लंबी अवधि में राज्य की अर्थव्यवस्था के लिए सकारात्मक साबित होगा।
विपक्ष का विरोध और सरकारी तर्क
जहाँ सरकार इसे ऐतिहासिक बता रही है, वहीं विपक्षी दलों (सीपीआई-एम और भाजपा) ने इस पर सवाल उठाए हैं। विपक्ष का आरोप है कि चुनाव में सभी बसों में मुफ्त यात्रा का वादा किया गया था, जिसे अब केवल साधारण बसों तक सीमित कर दिया गया है। इन आरोपों को खारिज करते हुए सरकार ने कहा कि केएसआरटीसी की वित्तीय स्थिति को देखते हुए भविष्य में इस योजना का विस्तार किया जाएगा। कार्यक्रम के दौरान पहली महिला ड्राइवर वी पी शीला ने प्रोजेक्ट की पहली बस का संचालन किया।

