गुना: पगारा स्थित धागा फैक्ट्री से अंधविश्वास को दूर भगाने और समय पर इलाज की अहमियत समझाने वाली एक बड़ी खबर सामने आई है। यहां काम करने वाले एक 26 वर्षीय मजदूर को बेहद जहरीले कोबरा सांप ने काट लिया। लेकिन साथियों और फैक्ट्री प्रबंधन की सूझबूझ के चलते, बिना एक पल गंवाए मजदूर को 45 मिनट के भीतर जिला अस्पताल पहुँचाया गया, जिससे समय पर इलाज मिलने के कारण उसकी जान बच गई।
घटना 10 जून की रात करीब सवा 11 बजे की है। मूल रूप से उत्तर प्रदेश के कन्नौज जिले के रहने वाले 26 वर्षीय अंकित कुमार पगारा की धागा फैक्ट्री में कार्यरत हैं। रोजाना की तरह वे रात्रि की शिफ्ट में काम करने पहुंचे थे। रात सवा ग्यारह बजे लंच करने के बाद जब वे फैक्ट्री के अंदर अपनी ड्यूटी पर लौट रहे थे, तभी कॉलोनी के बीच एक जहरीले कोबरा सांप पर उनका पैर पड़ गया। पैर पड़ते ही सांप ने अंकित के पैर में डस लिया।
सांप के काटने की खबर मिलते ही घटनास्थल पर अफरा-तफरी मच गई। लेकिन वहां मौजूद स्टाफ और साथियों ने पैनिक होने के बजाय समझदारी दिखाई। स्टाफ मैनेजर और अन्य साथियों ने तुरंत चार पहिया वाहन का इंतजाम किया और अंकित को लेकर जिला अस्पताल की तरफ दौड़ पड़े। महज 45 मिनट के भीतर मरीज को जिला अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में भर्ती करा दिया गया, जहां डॉक्टरों ने तुरंत एंटी-स्नेक वेनम देकर उसका इलाज शुरू किया। समय पर इलाज मिलने के कारण अब अंकित खतरे से बाहर है।
झाड़-फूंक के चक्कर में न पड़ें
इस घटना के बाद अंकित के परिजनों और स्थानीय लोगों ने समाज के लिए एक बड़ा संदेश जारी किया है। उन्होंने अस्पताल में सांप का वीडियो दिखाते हुए कहा सांप चाहे कितना भी जहरीला क्यों न हो, इंसान को झाड़-फूंक या तांत्रिकों के चक्कर में पड़कर अपना कीमती समय बर्बाद नहीं करना चाहिए। तुरंत अस्पताल पहुंचना ही एकमात्र उपाय है, जिससे जहर को शरीर में फैलने से पहले रोका जा सके। समय पर मिला डॉक्टरों का इलाज ही जान बचा सकता है।
