
जबलपुर। सागर जिले के जयसिंह नगर में दर्ज आपराधिक प्रकरण में आरोपी चार व्यक्तियों के द्वारा हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत के लिए आवेदन किया गया था। सुनवाई के दौरान दो आवेदको ने अग्रिम जमानत आवेदन को वापस ने लिया था। हाईकोर्ट जस्टिस विवेक जैन की एकलपीठ ने दो अन्य आवेदनों की सुनवाई के बाद 70 वर्षीय वृध्दा तथा 65 वर्षीय वृध्द को अग्रिम जमानत का लाभ प्रदान किया है।
सागर निवासी अनुराधा, संतोष, रामरानी और ओमकार ने सागर जिले के जयसिंहनगर थाने में धारा 296 (इ), 351 (3), 118 (1), 117, 118 (2) और 3 (5) के तहत दर्ज अपराधिक प्रकरण में अग्रिम जमानत के लिए आवेदन किये थे। सनुवाई के दौरान अनुराधा और संतोष ने अग्रिम जमानत को वापस लेते हुए आत्मसमर्पण करने की स्वतंत्रता देने का आग्रह किया था। इसके अलावा नियमित जमानत आवेदन का शीघ्र निपटारा किये जाने की प्रार्थना की गयी थी। एकलपीठ ने प्रार्थना को उचित मानते हुए उसे स्वीकार कर लिया।
याचिकाकर्ता की तरफ से तर्क दिया गया था कि आवेदक राम रानी की आयु 70 तथा ओंकार की उम्र 65 साल है। उन पर सिर्फ गाली-गलौज करने का आरोप है। आवेदिका राम रानी पर लाठी से हमला करने का आरोप भी है परंतु शिकायतकर्ता को कोई गंभीर चोट नहीं लगी है। एकलपीठ से आग्रह किया गया था कि दोनो को अग्रिम जमानत का लाभ प्रदान किया जाये। शासकीय अधिवक्ता ने केस डायरी में उपलब्ध सामग्री के आधार पर विरोध किया। एकलपीठ ने सुनवाई के बाद दोनों को सशर्त अग्रिम जमानत का लाभ प्रदान किया है।
