सीजीपीएससी भर्ती घोटाले में सीबीआई ने पूर्व आईएएस अधिकारी के आवास पर मारा छापा

नयी दिल्ली, 03 जून (वार्ता) छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (सीजीपीएससी) भर्ती प्रक्रिया में अनियमितताओं की जांच कर रही केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने बुधवार को सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी जेके ध्रुव के भिलाई स्थित आवास पर छापा मारा।

सीबीआई की एक टीम सुबह परिसर में पहुंची और दस्तावेजों और अन्य रिकॉर्ड की जांच शुरू कर दी। यह कार्रवाई 2020 और 2022 के बीच आयोजित सीजीपीएससी राज्य सेवा परीक्षाओं में अनियमितताओं और पक्षपात की जांच से जुड़ी है। एजेंसी अपनी जांच के दौरान पहले ही कई महत्वपूर्ण सबूत जुटा चुकी है।

सीबीआई के अनुसार, पूर्व अधिकारियों और प्रमुख पदों पर बैठे व्यक्तियों ने अपने रिश्तेदारों, परिवार के सदस्यों और प्रभावशाली व्यक्तियों के सहयोगियों को लाभ पहुंचाने के लिए चयन प्रक्रिया में हेरफेर किया। एजेंसी को भर्ती प्रक्रिया के परीक्षा और साक्षात्कार दोनों चरणों में बड़े पैमाने पर अनियमितताओं का संदेह है। जांचकर्ताओं ने यह भी आरोप लगाया है कि एक निजी कंपनी के सीएसआर कोष के तहत 45 लाख रुपये एक एनजीओ को हस्तांतरित किये गये थे। इसकी प्रमुख सीजीपीएससी के तत्कालीन अध्यक्ष तामन सिंह सोनवानी की पत्नी हैं। सीबीआई इस वित्तीय लेनदेन और कथित प्रश्नपत्र लीक से इसके संभावित संबंध की जांच कर रही है।

डिप्टी कलेक्टर और पुलिस उपाधीक्षक (डीएसपी) सहित विभिन्न प्रशासनिक पदों के लिए 2020 और 2022 के बीच आयोजित की गयी भर्ती प्रक्रिया तब विवादों में आ गयी थी, जब यह आरोप सामने आये कि तत्कालीन अध्यक्ष तामन सिंह सोनवानी के रिश्तेदारों और अन्य प्रभावशाली व्यक्तियों को अनुचित लाभ मिला। सीबीआई ने फरवरी और अप्रैल 2024 में छत्तीसगढ़ सरकार की जारी अधिसूचनाओं के आधार पर नौ जुलाई 2024 को मामला दर्ज किया था। प्राथमिकी में आरोप लगाया गया है कि तत्कालीन अध्यक्ष, सचिव और अन्य अधिकारियों ने अपने बच्चों, रिश्तेदारों और करीबी सहयोगियों का चयन सुनिश्चित करने के लिए अपने पदों का दुरुपयोग किया।

एजेंसी के अनुसार, 2021 में आयोजित प्रारंभिक परीक्षा में 1,29,206 उम्मीदवार शामिल हुए थे। इनमें से 2,548 ने मुख्य परीक्षा के लिए क्वालिफाई किया, जबकि 509 उम्मीदवार साक्षात्कार चरण तक पहुंचे। अंततः, विभिन्न सरकारी पदों के लिए 170 उम्मीदवारों का चयन किया गया।

सीबीआई इस सिलसिले में सीजीपीएससी के पूर्व अध्यक्ष तामन सिंह सोनवानी और बजरंग पावर एंड इस्पात लिमिटेड के निदेशक श्रवण कुमार गोयल को पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है। मामले की जांच अभी जारी है।

 

 

 

Next Post

भारत नेपाल के साथ साझेदारी को और मजबूत बनाने के लिए मिलकर काम करने को उत्सुक: मोदी

Wed Jun 3 , 2026
नयी दिल्ली 03 जून (वार्ता) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि भारत नेपाल के नये नेतृत्व के साथ मिलकर दोनों देशों के बीच लंबे समय से चली आ रही साझेदारी को और मजबूत बनाने की दिशा में काम करने को लेकर उत्सुक है। नेपाल की सत्तारूढ राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी […]

You May Like