
इंदौर/बड़वानी. आंगनवाड़ी सहायिका का 8 माह का रुका मानदेय निकालने के लिए 20 हजार रुपए रिश्वत मांगने के मामले में लोकायुक्त ने ट्रैप कार्रवाई करते हुए पांच हजार रुपए लेते एक आरोपी को रंगे हाथ पकड़ लिया.
मामला महिला एवं बाल विकास विभाग, परियोजना ठीकरी (जिला बड़वानी) का है. संगोदा बैडीपुरा निवासी आवेदिका की नियुक्ति 17 सितंबर 2025 को आंगनवाड़ी सहायिका के पद पर हुई थी, लेकिन उसे अब तक मानदेय नहीं मिला था. शिकायत के अनुसार परियोजना अधिकारी और भृत्य ने मिलीभगत कर मानदेय निकालने के बदले 20 हजार रुपए की मांग की. आवेदिका ने इसकी शिकायत लोकायुक्त इंदौर से की. सत्यापन में मामला सही पाए जाने पर मंगलवार को ट्रैप दल गठित किया, कार्रवाई के दौरान भृत्य के कहने पर एक दलाल ने आवेदिका से 5 हजार रुपए लिए, जिसे टीम ने मौके पर ही पकड़ लिया. मामले में परियोजना अधिकारी, भृत्य और दलाल तीनों की भूमिका सामने आई है. लोकायुक्त ने आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है.
पुलिस अधीक्षक, राजेश सहाय ने बताया कि आंगनवाड़ी सहायिका से मानदेय के बदले 20 हजार रिश्वत मांगने का मामला है । लोकायुक्त ने ट्रैप कर 5 हजार लेते आरोपी पकड़ा, तीनों की भूमिका जांच में.
