
सारनी। मध्यप्रदेश शासन के ऊर्जा विभाग ने एमपी पावर जनरेटिंग कंपनी लिमिटेड जबलपुर में बड़ा प्रशासनिक फैसला लिया है। ऊर्जा विभाग ने आदेश में मंजीत सिंह को कंपनी का प्रबंध संचालक नियुक्त किया है। अपनी कुशल कार्यप्रणाली और बेहतर प्रबंधन के चलते मंजीत सिंह तीसरी बार कंपनी के सीएमडी का प्रभार संभालेंगे। मंडल सूत्रों ने बताया कि मंजीत सिंह पहली बार वर्ष 2020 मई में एमपीपीजीसीएल के प्रबंध संचालक बने थे। इसके बाद लगातार बेहतर प्रदर्शन और दूरदर्शी नेतृत्व के चलते दूसरी बार 2023 में और यह तीसरी बार है जब शासन ने उन पर भरोसा जताया है। ऊर्जा क्षेत्र में उनकी पकड़, तकनीकी समझ और निर्णय लेने की क्षमता को कंपनी के लिए बेहद अहम माना जाता है। सूत्रों के अनुसार मंजीत सिंह के पिछले कार्यकाल में कंपनी ने उत्पादन और वित्तीय मोर्चे पर उल्लेखनीय प्रदर्शन किया था। प्लांटों की दक्षता बढ़ाने, समय पर मेंटेनेंस, कोयला प्रबंधन और कर्मचारियों के साथ बेहतर समन्वय में उनके अनुभव को देखते हुए शासन ने एक बार फिर उन पर भरोसा जताया है। सारनी, सिंगाजी और अमरकंटक थर्मल पावर प्लांटों में उत्पादन लक्ष्यों को हासिल करने में उनकी अहम भूमिका रही है। ऊर्जा विभाग ने आदेश क्रमांक एफ-3-7/2012/तेरह के अनुसार, राज्य शासन ने म.प्र. पावर जनरेटिंग कंपनी लिमिटेड के आर्टिकल्स ऑफ
एसोसिएशन की कंडिका 58 ई के परन्तुक में प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए यह नियुक्ति की है। आदेश के मुताबिक मंजीत सिंह कार्यभार ग्रहण करने की तिथि से अधिकतम एक वर्ष की अवधि अथवा चयन समिति के माध्यम से चयनित तथा राज्य शासन द्वारा नियुक्त नए प्रबंध संचालक के पदभार ग्रहण करने की तिथि अथवा आगामी आदेश, जो भी पहले हो, तक इस पद पर बने रहेंगे। यह आदेश मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार अपर मुख्य सचिव ऊर्जा विभाग नीरज मण्डलोई के हस्ताक्षर से 23 मई 2026 को भोपाल से जारी किया गया है।एमपी पावर जनरेटिंग कंपनी लिमिटेड प्रदेश में बिजली उत्पादन के लिए जिम्मेदार सबसे बड़ी सरकारी कंपनी है। कंपनी के अंतर्गत सारनी, सिंगाजी, अमरकंटक सहित अन्य बड़े थर्मल पावर प्लांट आते हैं। प्रदेश की कुल बिजली उत्पादन क्षमता में एमपीपीजीसीएल की बड़ी हिस्सेदारी है। ऐसे में प्रबंध संचालक का पद बेहद अहम माना जाता है।ऊर्जा क्षेत्र के जानकारों का मानना है कि मंजीत सिंह के अनुभव और कुशल नेतृत्व से कंपनी को प्लांटों के आधुनिकीकरण, उत्पादन लागत घटाने और नवीकरणीय ऊर्जा की दिशा में आगे बढ़ने में मदद मिलेगी। कर्मचारियों में भी उनके दोबारा प्रभार संभालने से उत्साह है। एमडी पद पर मंजीत सिंह को बनाये जाने पर चीफ इंजीनियर एस के लिल्होरे.सेवानिवृत एडीशनल चीफ इंजीनियर एवं नई इकाई निर्माण कार्य एक्सपर्ट एसएन सिंह, श्री गुप्ता. उल्लास देशमुख. संजय जोशी सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारीयो ने बधाई दी है
