
नयी दिल्ली, 02 जुलाई (वार्ता) केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री जी किशन रेड्डी ने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गाँधी की आलोचना की और कहा कि नेता प्रतिपक्ष का उद्देश्य सरकार को जवाबदेह ठहराना और लोगों की आवाज बनना होता है।
श्री रेड्डी ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष की भूमिका अतीत में कई बड़े-बड़े नेताओं ने निभाई है, जिनमें सर्वश्री अटल बिहारी वाजपेयी, लालकृष्ण आडवाणी और श्रीमती सुषमा स्वराज का नाम भी शामिल हैं। इन सभी नेताओं ने नेता प्रतिपक्ष की भूमिका को निभाते हुए लोकसभा में चर्चा को आगे बढ़ाया और गरीबों तथा वंचितों के लिए आवाज सदन में उठायी थी।
श्री रेड्डी ने मंगलवार को एक बयान में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के पहले भाषण पर निराशा व्यक्त की। उन्होंने कहा कि श्री गांधी ने अपनी भूमिका जिम्मेदारी से निभाने के बजाय सदन का इस्तेमाल नफरत फैलाने वाले भाषण और फर्जी खबरें फैलाने के लिए करने का आरोप लगाया।
उन्होंने आरोप लगाया कि श्री गांधी के भाषण ने पूरे हिन्दू समुदाय को हिंसक और नफरत से भरा बताया।
श्री रेड्डी के अनुसार, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के प्रति नेता प्रतिपक्ष की नफरत पूरे हिन्दू समुदाय और राष्ट्र के लिए नफरत में बदल गयी है। उन्होंने बताया कि श्री गांधी का एजेंडा हिन्दू विरोधी है।
केंद्रीय मंत्री ने पिछले ज्वलंत उदाहरणों का हवाला देते हुए बार-बार हिंदुओं का अपमान करने के लिए कांग्रेस पार्टी और उसके गठबंधन सहयोगियों की आलोचना की। उन्होंने दावा किया कि लोकसभा में श्री गांधी का भाषण हिंदुओं पर सीधा हमला था और हिन्दू समुदाय को अलग-थलग करने के कांग्रेस पार्टी के ऐतिहासिक प्रयासों की निरंतरता थी। जैसा कि वर्ष 2014 से पहले प्रस्तावित सांप्रदायिक हिंसा विधेयक लाकर किया था।
इसके अलावा, श्री रेड्डी ने अपने भाषण में गांधी पर फर्जी खबरें और झूठ फैलाने का भी आरोप लगाया। उन्होंने श्री गांधी को याद दिलाया कि लोकसभा एक चुनाव अभियान नहीं है जहां फर्जी खबरें अनियंत्रित रूप से प्रसारित की जा सकती हैं, बल्कि एक ऐसी जगह है जहां मुद्दों को तथ्यों और सबूतों के साथ उठाया जाना चाहिए।
श्री रेड्डी ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष के लिए यह उचित होगा कि वह लोकसभा में अपने नफरत भरे भाषण के लिए पूरे हिन्दू समुदाय से माफी मांगें।