छतरपुर: खजुराहो जल संसाधन विभाग के अंतर्गत ग्राम पंचायत सलैया क्षेत्र में डुंगरिया-पिपरिया बांध से निकली सिंचाई नहर पहली बार पानी छोड़े जाने पर ही क्षतिग्रस्त हो गई। नहर टूटने के बाद किसानों में भारी नाराजगी है। किसानों ने निर्माण एजेंसी और विभागीय अधिकारियों पर घटिया निर्माण कार्य कराने का आरोप लगाते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
ग्रामीणों के अनुसार डुंगरिया-पिपरिया बांध का निर्माण वर्ष 2020 से 2023 के बीच किया गया था। इसके बाद किसानों के खेतों तक सिंचाई सुविधा पहुंचाने के लिए दो नहरों का निर्माण कराया गया। किसानों का आरोप है कि अगस्त से दिसंबर 2025 के बीच जल्दबाजी में नहर निर्माण कार्य कराया गया, जिससे कई किसानों की खड़ी गेहूं की फसल भी प्रभावित हुई। प्रभावित किसानों को अब तक मुआवजा नहीं मिला है।
किसानों का कहना है कि निर्माण कार्य में गुणवत्ता मानकों की अनदेखी की गई। नहर निर्माण में सीमेंट की मात्रा कम रखी गई, जबकि रेत और डस्ट का अधिक उपयोग किया गया। परिणामस्वरूप पहली बार पानी छोड़े जाने पर नहर की दीवारों में दरारें पड़ गईं और कई स्थानों पर सीमेंट-कंक्रीट की परत उखड़कर बह गई। कुछ हिस्सों में नहर पूरी तरह टूट गई है।
नहर क्षतिग्रस्त होने से पानी अंतिम छोर तक नहीं पहुंच पा रहा है और बीच रास्ते में ही रिसाव व टूट-फूट के कारण बर्बाद हो रहा है। इससे किसानों के सामने सिंचाई संकट खड़ा हो गया है। किसानों का कहना है कि समय रहते मरम्मत नहीं कराई गई तो आगामी फसलों पर गंभीर असर पड़ेगा।मामले को लेकर एक दर्जन से अधिक किसानों ने विभागीय अधिकारियों और मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 181 पर शिकायत दर्ज कराई है। किसानों का आरोप है कि शिकायतों के बावजूद अब तक कोई जिम्मेदार अधिकारी निरीक्षण के लिए नहीं पहुंचा। उन्होंने परियोजना में कथित लापरवाही और भ्रष्टाचार की जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई तथा नहर का गुणवत्तापूर्ण पुनर्निर्माण कराने की मांग की है।
