जबलपुर: राष्ट्रीय हरित अधिकरण, एनजीटी के अध्यक्ष न्यायमूर्ति प्रकाश श्रीवास्तव व विशेषज्ञ सदस्य डॉ. अफरोज अहमद की युगलपीठ ने ने जबलपुर में प्रतिदिन लगभग 97.5 मिलियन लीटर प्रतिदिन बिना उपचारित सीवेज के वर्षा जल नालों में प्रवाहित होने पर गंभीर चिंता जताई है। इसके साथ ही नगर निगम जबलपुर को तत्काल प्रभावी कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। नगर निगम व मध्य प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को छह सप्ताह के भीतर विस्तृत अनुपालन रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश देते हुए अगली सुनवाई 13 जुलाई को निर्धारित की है।
दरअसल, नालों के पक्कीकरण पर भारी खर्च के बावजूद कार्य अधूरा रहने और सीवेज प्रबंधन की गंभीर स्थिति पर संज्ञान लेकर हो रही सुनवाई के दौरान एनजीटी ने पाया कि जबलपुर में प्रतिदिन लगभग 174 एमएलडी सीवेज उत्पन्न हो रहा है। जबकि वर्तमान में केवल 76.5 एमएलडी सीवेज का ही उपचार किया जा रहा है। शेष 97.5 एमएलडी बिना उपचारित सीवेज छोटे नालों के माध्यम से शहर के छह प्रमुख वर्षा जल नालों में पहुंच रहा है। एनजीटी ने स्पष्ट किया कि बिना उपचारित सीवेज को वर्षा जल नालों में छोड़ा जाना पर्यावरणीय मानकों और सुप्रीम कोर्ट के दिशा.निर्देशों के विपरीत है तथा इसे रोकने के लिए शीघ्र और ठोस कार्रवाई आवश्यक है।
