नयी दिल्ली, 30 मई (वार्ता) मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने ‘विशेष गहन पुनरीक्षण’ (एसआईआर) के बाद तैयार मतदाता सूची को “दुनिया की सबसे सटीक मतदाता सूचियों में से एक” बताया।
वह शनिवार को न्यायालयों में निर्वाचन आयोग का प्रतिनिधित्व करने वाले अधिवक्ताओं के दूसरे राष्ट्रीय सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। यह सम्मेलन शनिवार को इंडिया इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डेमोक्रेसी एंड इलेक्शन मैनेजमेंट में शुरू हुआ। इसमें चुनावी प्रक्रियाओं में शामिल पारदर्शिता, सटीकता और संस्थागत सुरक्षा उपायों पर प्रकाश डाला गया।
श्री कुमार ने चुनाव अधिकारियों की भी सराहना करते हुए कहा कि “दिन-रात विपरीत दबावों के बावजूद, उन्होंने अपने मज़बूत कंधों पर मतदाता सूचियों को तैयार करने का काम पूरी पारदर्शिता के साथ किया है।”
सम्मेलन के उद्घाटन के दिन चुनाव प्रबंधन के प्रमुख पहलुओं पर विस्तृत प्रदर्शन और व्याख्यान शामिल रहे। इसमें मतदाता सूची तैयार करना और उसका रखरखाव, विशेष गहन संशोधन प्रक्रिया, और मतदान व मतगणना प्रक्रियाएं शामिल थीं। चुनाव आयोग के अनुसार, ये सत्र कानूनी सलाहकारों को उन परिचालन तंत्रों से परिचित कराने के लिए आयोजित किए गए थे जो देश भर में स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव कराने का आधार बनते हैं।
इस दो दिवसीय सम्मेलन में देश के विभिन्न हिस्सों से चुनाव आयोग का प्रतिनिधित्व करने वाले कानूनी सलाहकार शामिल हुए हैं। इस सम्मेलन का उद्देश्य आयोग और उसके कानूनी प्रतिनिधियों के बीच समन्वय को मजबूत करना और भारत में चुनावों को संचालित करने वाले संवैधानिक, कानूनी और प्रक्रियात्मक ढांचे के बारे में उनकी समझ को बढ़ाना है।
देश भर की अदालतों में चुनाव से जुड़े मामलों की बढ़ती संख्या के बीच चुनाव आयोग ने कानूनी तैयारियों के महत्व पर लगातार जोर दिया है। इस सम्मेलन के माध्यम से उभरती कानूनी चुनौतियों, न्यायिक मिसालों और आयोग के निर्णयों व प्रक्रियाओं का बचाव करने में सर्वोत्तम तौर-तरीकों पर चर्चा करने के लिए एक मंच मिलने की उम्मीद है।
इंडिया इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डेमोक्रेसी एंड इलेक्शन मैनेजमेंट, जो चुनाव आयोग के प्रमुख प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण संस्थान के रूप में कार्य करता है। यह नियमित रूप से चुनाव अधिकारियों, प्रशासकों और अंतर्राष्ट्रीय प्रतिनिधियों के लिए कार्यक्रमों की मेजबानी करता है।
