इंदौर: जिले में पेट्रोल-डीजल की आपूर्ति संबंधी परिस्थितियों का लाभ उठाकर नकली बायोडीजल की बिक्री किए जाने के मामले में प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है. देपालपुर क्षेत्र के मेथवाडा स्थित मे. इंदौर बायो एनर्जी प्राइवेट लिमिटेड बायोडीजल पंप पर छापामार कार्रवाई करते हुए उसे मौके पर ही सील कर दिया गया. साथ ही करीब 6,000 लीटर नकली बायोडीजल जब्त किया गया, जिसकी कीमत लगभग 4 लाख 20 हजार रुपये से अधिक आंकी गई है.
मुख्यमंत्री के निर्देशों के तहत पेट्रोल, डीजल और बायोडीजल में किसी भी प्रकार की मिलावट एवं अवैध बिक्री पर सख्त कार्रवाई के क्रम में यह जांच की गई. प्रारंभिक जांच में पाया गया कि पंप पर मानकों के विपरीत ईंधन की बिक्री की जा रही थी और अनाधिकृत फर्म से सप्लाई ली जा रही थी.जांच के दौरान यह भी सामने आया कि पंप संचालक राज्य सरकार से अधिकृत छह लाइसेंसधारी कंपनियों के बजाय अवैध स्रोतों से बायोडीजल प्राप्त कर रहा था. मौके पर लिए गए नमूनों में बायोडीजल की डेंसिटी 860 पाई गई, जबकि निर्धारित मानक 900 से अधिक होना चाहिए. कार्रवाई सहायक आपूर्ति अधिकारी शिव सुंदर व्यास और कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी अजय अस्थाना द्वारा की गई। टीम ने पंप, डिस्पेंसरी यूनिट और भूमिगत टैंक को सील कर दिया.
नमूने प्रयोगशाला भेजे
बताया गया कि शिकायत मिलने के बाद खाद्य विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच की, जिसमें अनियमितताएं सामने आईं. इसके बाद पंप पर तत्काल प्रभाव से बिक्री बंद कर दी गई और नमूने जांच के लिए अधिकृत प्रयोगशाला भेजे गए हैं. रिपोर्ट आने के बाद आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी. प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि पेट्रोलियम उत्पादों में मिलावट या अवैध कारोबार पर सख्त निगरानी रखी जा रही है और ऐसे मामलों में कठोर कार्रवाई जारी रहेगी.
