रतलाम: जमीन विवाद को लेकर लोगों का गुस्सा लगातार उबाल पर दिखाई दे रहा है। मंगलवार को एक किसान द्वारा आत्मदाह की कोशिश के बाद शुक्रवार को फिर एक युवक ने खुद पर ज्वलनशील पदार्थ डालकर प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए। घटना से कलेक्टोरेट परिसर में अफरा-तफरी मच गई और कुछ देर के लिए माहौल तनावपूर्ण हो गया।जानकारी के अनुसार शुक्रवार दोपहर कलेक्टर मिशा सिंह कार्यालय से बाहर निकल रही थीं, तभी नामली निवासी रमेश कुमावत अचानक आगे आया और खुद पर ज्वलनशील पदार्थ डाल लिया।
युवक की हरकत देखते ही वहां मौजूद कर्मचारियों ने तुरंत उसे पकड़ लिया और बड़ा हादसा होने से रोक दिया। घटना के बाद कलेक्टर तुरंत वापस अपने चैंबर में पहुंचीं और युवक को बुलाकर उसकी समस्या सुनी।युवक रमेश कुमावत का आरोप है कि वह पिछले छह वर्षों से जमीन संबंधी मामले में न्याय के लिए विभिन्न कार्यालयों के चक्कर काट रहा है। उसका कहना है कि उसकी कुछ भूमि को शासकीय घोषित कर दिया गया, जबकि करीब ढाई बीघा जमीन बिजली कंपनी के लिए अधिग्रहित की गई थी। अब वह संबंधित भूमि अपने नाम दर्ज कराने की मांग कर रहा है, लेकिन सुनवाई के बावजूद समाधान नहीं हो पा रहा।
घटना के बाद कलेक्टर ने तत्काल रतलाम ग्रामीण एसडीएम विवेक सोनकर और तहसीलदार आशीष उपाध्याय को तलब कर मामले की जानकारी ली। वहीं स्टेशन रोड थाना पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। पुलिस युवक को अपने साथ एसडीएम ग्रामीण कार्यालय ले गई, जहां उसके बयान दर्ज किए गए। दूसरी ओर प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि युवक अपनी जमीन पहले ही बेच चुका है और अब अतिरिक्त भूमि अपने नाम दर्ज कराने की मांग कर रहा है। अधिकारियों के अनुसार मामला राजस्व अभिलेखों से जुड़ा है और वर्तमान में एसडीएम न्यायालय में विचाराधीन है।
प्रकरण की सुनवाई जारी है:एसडीएम
रतलाम ग्रामीण एसडीएम विवेक सोनकर ने बताया कि प्रकरण की सुनवाई जारी है। शुक्रवार को भी मामले में सुनवाई हुई थी। इसी दौरान आवेदक कलेक्ट्रेट पहुंचा और खुद पर ज्वलनशील पदार्थ डालने का प्रयास किया, लेकिन समय रहते उसे रोक लिया गया। प्रशासन ने मामले में राजस्व रिकॉर्ड की जांच जारी रखने की बात कही है।
