नयी दिल्ली, 25 मई (वार्ता) अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा है कि ईरान के साथ समझौते की संभावना अब भी बनी हुई है और इस दिशा में एक “काफी मजबूत” प्रस्ताव वार्ता मेज पर रखा गया है।
श्री रुबियो ने भारत यात्रा के दौरान संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि प्रस्ताव में ईरान की ओर से होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलने तथा परमाणु मुद्दों पर वास्तविक, महत्वपूर्ण और समयबद्ध वार्ता में शामिल होने की बात शामिल है।
उन्होंने कहा, “उम्मीद है कि हम इसे सफल बना लेंगे। इसे खाड़ी देशों और वैश्विक स्तर पर व्यापक समर्थन प्राप्त है। जिन भी देशों से हमने इस पर चर्चा की, उनका मानना है कि यह न केवल बेहद उचित बल्कि दुनिया के हित में भी है।”
श्री रुबियो ने कहा कि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप किसी भी कीमत पर जल्दबाजी में समझौता नहीं करेंगे। उन्होंने कहा, “राष्ट्रपति कोई गलत समझौता नहीं करेंगे। हम देखेंगे कि आगे क्या होता है। कूटनीति को सफल होने का पूरा अवसर दिया जाएगा, उसके बाद ही अन्य विकल्पों पर विचार किया जाएगा।”
समझौते में देरी के संबंध में पूछे जाने पर श्री रुबियो ने कहा कि अब सब कुछ ईरान की प्रतिक्रिया पर निर्भर है। उन्होंने कहा, “ईरानी व्यवस्था को जवाब देने में थोड़ा अधिक समय लगता है।
उन्होंने दोहराया, “राष्ट्रपति खराब समझौता नहीं करेंगे। या तो अच्छा समझौता होगा, या फिर हमें इस मुद्दे से किसी अन्य तरीके से निपटना पड़ेगा। हालांकि हमारी प्राथमिकता अच्छा समझौता ही है।”
लेबनान के मुद्दे पर श्री रुबियो ने कहा कि अमेरिका उस विषय पर अलग से काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि समस्या इजरायल या लेबनान सरकार नहीं, बल्कि हिजबुल्लाह है, जो लेबनान की जनता को नुकसान पहुंचा रहा है।
श्री रुबियो ने कहा कि इजरायल को अपनी सुरक्षा का अधिकार हमेशा रहेगा। उन्होंने कहा, “यदि हिजबुल्ला मिसाइल दागता है या ऐसा करने की तैयारी करता है, तो इजरायल को जवाब देने और इसे रोकने का पूरा अधिकार है।”
