नई दिल्ली | भारतीय रेलवे में 1 जून से बड़ा प्रशासनिक फेरबदल होने जा रहा है। दक्षिण मध्य रेलवे (SCR) के मौजूदा छह डिवीजनों को पुनर्गठित कर अब तीन (सिकंदराबाद, हैदराबाद और नांदेड़) में सीमित किया जा रहा है। इसके साथ ही विशाखापट्टनम मुख्यालय वाले नए ‘दक्षिण तटीय रेलवे ज़ोन’ (South Coast Railway Zone) का विधिवत कामकाज शुरू हो जाएगा। इस प्रक्रिया के तहत विजयवाड़ा, गुंटूर और गुंतकल डिवीजनों को नए ज़ोन के अधिकार क्षेत्र में स्थानांतरित किया जा रहा है, जिससे रेलवे के परिचालन ढांचे में महत्वपूर्ण बदलाव आएंगे।
इस पुनर्गठन से सिकंदराबाद डिवीजन का दायरा बढ़ने की उम्मीद है, जिससे प्रशासनिक कार्यभार और परिचालन संबंधी दबाव में वृद्धि होगी। अधिकारियों के अनुसार, क्षेत्र विस्तार के कारण ट्रेनों की आवाजाही और सिग्नलिंग समन्वय जैसे महत्वपूर्ण कार्यों में ‘डिवीजनल कंट्रोल रूम’ की भूमिका और अधिक संवेदनशील हो जाएगी। नए ढांचे के अनुरूप सिग्नलिंग और स्टेशन संचालन में बेहतर तालमेल सुनिश्चित करने के लिए रेलवे बोर्ड ने ज़ोन के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ तैयारियों की गहन समीक्षा की है।
नए दक्षिण तटीय ज़ोन को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए रेलवे बोर्ड ने 128 राजपत्रित और 1,100 गैर-राजपत्रित पदों को मंजूरी दी है। इस प्रशासनिक ढांचे को मजबूत बनाने के लिए दक्षिण मध्य रेलवे से बड़ी संख्या में पदों और कर्मचारियों को स्थानांतरित किया गया है। वर्तमान में, महाप्रबंधक सहित कई उच्च स्तरीय अधिकारियों की नियुक्तियां पूरी कर ली गई हैं और 300 से अधिक कर्मचारी नए ज़ोन में अपनी जिम्मेदारियां संभाल चुके हैं। यह बदलाव रेलवे की कार्यक्षमता बढ़ाने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।

