सतना :एक दशक पहले तक जिला चिकित्सालय में बच्चा चोरी का गिरोह सक्रिय था. लेकिन बढ़ती घटनाओं के कारण जब अस्पताल प्रबंधन और पुलिस द्वारा व्यवस्था में कसावट लाई गई तो यह घटनाएं लगभग बंद हो गईं. लेकिन काफी दिनों की खामोशी के बाद जब एक बार फिर से बच्चा चुराने की कोशिश सामने आई तो चिकित्सालय की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े होने लगे.प्राप्त जानकारी के अनुसार माडा टोला निवासी महिला शिवानी द्वारा मंगलवार की सुबह जिला चिकित्सालय में बच्चे को जन्म दिया गया था. प्रसव की प्रक्रिया पूरी होने पर जच्चा-बच्चा की सामान्य स्थिति को देखते हुए दोनों को लेबर रुम से प्रसूता वार्ड में स्थानांतरित कर दिया गया.
शिवानी के अनुसार मंगलवार की रात लगभग 10 बजे एक युवक उनके पास पहुंचा और कहा कि नवजात को अपना दूध पिलाकर सुला दीजिए. शिवानी को लगा कि संभवत: वह अस्पताल का कोई कर्मचारी होगा और सलाह देने के लिए आया होगा. लेकिन शिवानी को थोड़ा खटका उस वक्त लगा जब उन्होंने दूर खड़े उस युवक को रह रह कर उन पर नजर रखते हुए देखा. लेकिन काफी थकी होने होने के कारण कुछ देद बाद ही शिवानी को नींद आ गई. बताया गया कि शिवानी को नींद में देखते ही युवक उनके पास पहुंच गया और नवजात को उठाकर झोले में रख लिया.
जिसके बाद वह नजरें बचाता हुआ प्रसूता वार्ड से बाहर निकल गया. लेकिन जैसे ही वह बाहर निकला तो हाथ में लिए झोले से बच्चे के रोने की आवाज सुनाई दी. यह सुनकर वहां पर मौजूद नई बस्ती निवासी महिला अभिलाषा तिवारी को शंका हुई. जिसके चलते अभिलाषा ने जब युवक का पीछा किया तो झोले में से बच्चे के पैर नजर आए. मामले की गंभीरता को भांपते हुए अभिलाषा ने फौरन युवक को रोक लिया और पूछताछ शुरु कर दी. लेकिन रुकने के बजाए युवक वहां से भागने लगा. यह देख अभिलाषा ने शोर मचाते हुए उसका पीछा करना शुरु कर दिया. स्वयं को फंसता देख युवक झोले को वहां पर फेंकते हुए भाग निकला. अभिलाषा का शोर सुनकर उनके देवर और एक नर्स मौके पर पहुंच गए. नवजात को सुरक्षित करते हुए उसकी मां के पास पहुंचाया गया.
आरोपी तक पहुंची पुलिस
घटना की सूचना मिलने पर कोतवाली थाने की पुलिस जिला चिकित्सालय पहुंच गई. इस संबंध में नवजात की मां शिवानी और बच्चा चोरी के प्रयास को विफल करने वाली महिला अभिलाषा के कथन लिए गए. जिसके बाद पुलिस द्वारा चिकित्सालय में लगे सीसीटीवी फुटेज के जरिए आरोपी की पहचान करने का प्रयास शुरु किया गया. कुछ घंटे बाद ही आरोपी की पहचान करते हुए पुलिस उक्त आरोपी तक पहुंच गई और उसे पकडक़र थाने ले आई. हलांकि पूछताछ का हवाला देते हुए थाना प्रभारी द्वारा आरोपी की जानकारी साझा नहीं की गई. लेकिन प्राप्त जानकारी के अनुसार आरोपी विपिन सोनी 32 वर्ष निवासी कोलगवां बताया गया. आरोपी न सिर्फ पिछले कई दिनों से चिकित्सालय का चक्कर लगा रहा था बल्कि उसने वहां पर तैनात एक सुरक्षा कर्मी से नजदीकियां बढ़ाने की कोशिश भी की थी. जिसके चलते सुरक्षा कर्मी से भी पुलिस ने पूछताछ की. आरोपी स्वयं को एनजीओ संचालक भी बता रहा था
