उज्जैन: ऐतिहासिक सतीगेट क्षेत्र में मार्ग चौड़ीकरण को लेकर एक बार फिर विवाद गहरा गया है। क्षेत्र के रहवासियों और व्यापारियों ने आरोप लगाया है कि वर्ष 1931 से अब तक लगभग चार बार सड़क चौड़ीकरण किया गया, हर बार केवल एक ही दिशा से भूमि लेकर मकान और दुकानों को प्रभावित किया गया. अब कंठाल चौराहे से खड़े हनुमान और छत्री चौक तक चल रहे मार्ग चौड़ीकरण में भी फिर उन्हीं परिवारों की दुकानों और भवनों पर निशान लगाए गए हैं, जिन्होंने पहले भी शहरहित में अपनी भूमि छोड़ी थी.
नवभारत से चर्चा में रहवासियों ने कहा कि वे शहर के विकास, सुगम यातायात और सिंहस्थ 2028 की तैयारियों के पूर्ण समर्थक हैं. सतीगेट, माता मंदिर और शहर के विकास के लिए आवश्यकता पड़े तो वे अपनी पूरी जमीन देने को भी तैयार हैं, बार-बार एक ही पक्ष से जमीन कटान किया जाना उन्हें पीड़ा दे रहा है. उनका कहना है कि दूसरी ओर से कभी चौड़ीकरण नहीं किया गया, जिसके कारण ऐतिहासिक सतीगेट द्वार और मंदिर एक तरफ खिसक गए हैं.
तो सतीगेट आएगा बीच में
क्षेत्रवासियों के अनुसार यदि दोनों दिशाओं से समान रूप से थोड़ी-थोड़ी भूमि लेकर सड़क का विस्तार किया जाए तो सतीगेट द्वार और मंदिर मार्ग के केंद्र में आ जाएंगे. इससे ऐतिहासिक धरोहर का स्वरूप और अधिक भव्य दिखाई देगा तथा कंठाल से गोपाल मंदिर तक सीधा दृश्य मार्ग बनेगा, जिससे श्रद्धालुओं को दर्शन में भी सुविधा होगी.
96 वर्ष पहले भूमि दान
रहवासियों ने अपने आवेदन में उल्लेख किया है कि कुछ परिवारों ने लगभग 96 वर्ष पूर्व भी जनहित में भूमि दान की थी. इसके बाद भी वर्षों में कई बार चौड़ीकरण के दौरान उन्होंने अपनी दुकानों और भवनों का हिस्सा छोड़ा. अब पुनः उन्हीं परिवारों को प्रभावित किए जाने से वे स्वयं को असुरक्षित और उपेक्षित महसूस कर रहे हैं.
कलेक्टर व आयुक्त को सौंपा विस्तृत आवेदन
उज्जैन कलेक्टर रोशन सिंह,नगर निगम आयुक्त अभिलाष मिश्रा को दिए गए आवेदन में बताया गया है कि गोपाल मंदिर मार्ग स्थित भवनों को दिनांक 26 फरवरी 2026 को मार्ग चौड़ीकरण का नोटिस दिया गया. आवेदन में कहा गया कि उनकी दिशा से पूर्व में लगभग 15 फीट तक भूमि सड़क के लिए छोड़ी जा चुकी है. पुराने दस्तावेज, नक्शे और पूर्व कटान से संबंधित अभिलेख भी प्रस्तुत किए गए हैं.
नया मापांकन किया जाए
रहवासियों ने मांग की है कि पूर्व में किए गए भूमि त्याग को अभिलेखों में शामिल किया जाए, संपूर्ण मार्ग का निष्पक्ष पुनर्माप किया जाए, दोनों पक्षों की वास्तविक स्थिति को समान रूप से देखा जाए तथा स्थानीय व्यापार, भवन सुरक्षा और ऐतिहासिक महत्व को ध्यान में रखते हुए नई केंद्र रेखा निर्धारित की जाए.
मुख्यमंत्री के नाम भी भेजा गया ज्ञापन
क्षेत्र के रहवासियों और व्यापारियों ने मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नाम भी ज्ञापन भेजा है. ज्ञापन में कहा गया है कि उज्जैन के ऐतिहासिक सतीगेट क्षेत्र के लोग वर्षों से विकास कार्यों में सहयोग करते आ रहे हैं और बिना मुआवजा लिए अपने हाथों से मकान-दुकानों का हिस्सा हटाने तक को तैयार हैं, लेकिन उनके साथ समान व्यवहार होना चाहिए.
सिंहस्थ के लिए व्यापक सड़क विस्तार
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के गृह नगर उज्जैन में सिंहस्थ 2028 की तैयारियों के तहत बड़े पैमाने पर सड़क चौड़ीकरण किया जा रहा है. कोयला फाटक, गाड़ी अड्डा, कोतवाली क्षेत्र, कंठाल, सतीगेट, खड़े हनुमान, सराफा, गोपाल मंदिर, पटनी बाजार और ढाबा रोड सहित अनेक क्षेत्रों में मार्ग विस्तार के कार्य जारी हैं. यह वही मार्ग हैं जहां भगवान महाकाल की सवारी, धार्मिक शोभायात्राएं, सामाजिक-सांस्कृतिक आयोजन, रैलियां और जुलूस निकलते हैं.
छह दुकानों से भी चौड़ीकरण की मांग
रहवासियों की मांग है कि सतीगेट के दूसरी ओर स्थित छह दुकानों की दिशा से भी समान रूप से चौड़ीकरण किया जाए. उनका कहना है कि इससे सड़क विस्तार संतुलित होगा, ऐतिहासिक द्वार ठीक मध्य में आएगा और विकास कार्य में पारदर्शिता तथा न्याय का भाव दिखाई देगा. क्षेत्रवासियों ने स्पष्ट किया है कि वे विकास कार्य में किसी प्रकार की बाधा नहीं डालना चाहते, बल्कि केवल इतना चाहते हैं कि मार्ग चौड़ीकरण निष्पक्ष, पारदर्शी और संतुलित तरीके से किया जाए, ताकि शहरहित के साथ न्याय भी सुनिश्चित हो सके.
इनका कहना है…
क्षेत्र के रहवासियों ने सती गेट के आसपास का मामला मेरे संज्ञान में दिया है, इसकी जांच पड़ताल की जा रही है. सतीगेट के आसपास कब-कब कितना चौड़ीकरण हुआ है और अब वहां क्या स्थिति है, इसकी जानकारी निकाली जा रही है.
– अभिलाष मिश्रा, नगर निगम आयुक्त उज्जैन
